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Hapur News: कोचिंग फर्जीवाड़ा, FIITJEE को लौटाने होंगे 1.72 लाख, माता-पिता को मिला न्याय
Hapur News: हापुड़ उपभोक्ता आयोग ने FIITJEE कोचिंग को आदेश दिया कि वह छात्र के अभिभावकों को 1.72 लाख रुपये लौटाए और 5,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति भी दे।
कोचिंग फर्जीवाड़ा, FIITJEE को लौटाने होंगे 1.72 लाख, माता-पिता को मिला न्याय (Photo- Newstrack)
Hapur News: हापुड़ जिले के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मंगलवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला सुनाया। आयोग ने गाजियाबाद स्थित FIITJEE कोचिंग संस्थान को आदेश दिया कि वह एक छात्र के माता-पिता को 1,72,622 रुपये वापस करे, साथ ही 5,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय अदा करे। इस मामले ने शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी का रूप ले लिया है।
यह था पूरा प्रकरण
मामला नगर के राजेंद्र नगर निवासी वरूण भसीन का है। वरूण ने बताया कि उनके पुत्र दक्ष भसीन के उज्जवल भविष्य के लिए उन्होंने FIITJEE कोचिंग संस्थान, गाजियाबाद में प्रवेश कराया। संस्थान ने 2 साल के JEE एडवांस स्पेशल वीकेंड कोर्स के लिए फीस 3,33,723 रुपये बताई। वरूण ने 28 दिसंबर 2023 को 3,05,598 रुपये चेक के माध्यम से जमा कर अपने पुत्र का दाखिला कराया। उनके पुत्र ने नौ महीने तक कोचिंग जॉइन किया और सभी कक्षाओं में नियमित रूप से हिस्सा लिया।लेकिन इसी दौरान कोचिंग संस्थान ने बिना किसी सूचना या पूर्व व्यवस्था के अपना संचालन बंद कर दिया, जिससे वरूण और उनके परिवार को भारी मानसिक और आर्थिक क्षति हुई। संस्थान से संपर्क करने पर भी पैसे लौटाने से मना कर दिया गया।
वित्तीय और मानसिक नुकसान
वरूण ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग की सुनवाई में अध्यक्ष प्रवीन कुमार जैन, सदस्य राजीव कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष रावत ने मामले की विस्तार से जांच की। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि कोचिंग संस्थान द्वारा छात्र और माता-पिता को भ्रामक वादे देकर फीस वसूल की गई और फिर बिना किसी सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के कोर्स बंद कर दिया गया।
आयोग का आदेश
कोचिंग संस्थान 45 दिनों के भीतर 1,72,622 रुपये वापस करे।5,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय अदा करें।आदेश का पालन न होने पर संस्थान पर 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा।यह फैसला शिक्षा क्षेत्र में उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए मील का पत्थर है। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि कोई भी संस्थान छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी नहीं कर सकता।


