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Hapur News: एचपीडीए ने मोनाड विश्वविद्यालय का एक होस्टल किया सील, दो हॉस्टल को सील करने के दो साल पहले जारी किए थे आदेश
Hapur News: भारी पुलिस-फोर्स और एसडीएम-सीओ की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन दोनों हास्टल को सील करने के आदेश 25 नवंबर 2023 को दिए गए थे।
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Hapur News: हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण-एचपीडीए ने आखिरकार सोमवार को मोनाड यूनिवर्सिटी के एक हास्टल को सील कर दिया। वहीं दूसरे हास्टल से छात्रों काे बाहर निकालने के लिए नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह बाद इसको भी सील कर दिया जाएगा। भारी पुलिस-फोर्स और एसडीएम-सीओ की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन दोनों हास्टल को सील करने के आदेश 25 नवंबर 2023 को दिए गए थे। तब से यह आदेश फाइलों में ही दबे हुए थे। अब एसटीएफ की छापामारी के बाद एचपीडीए के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं।
यह था पूरा मामला
मोनाड में 2020 में दो हास्टल का निर्माण आरंभ हुआ था। एक-एक हजार वर्ग गज में इन हास्टल का निर्माध कराया जा रहा था। तब हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम परिसर में पहुंची थी। वहां पर निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। उसके बाद टीम को 25 अक्टूबर 2023 काे सूचना मिली कि यूनिवर्सिटी के परिसर में दोनों हास्टल का निर्माण पूरा करा लिया गया है। एक-एक हजार वर्ग मीटर के इन दोनों हास्टल को तीन-तीन मंजिला बना लिया गया।
इस पर प्राधिकरण की ओर से मोनाड को नोटिस जारी किया गया था। मोनाड के डायरेटर प्रमोद गोयल के नाम से यह आदेश जारी किए गए थे।आदेश में प्राधिकरण की ओर से कहा गया था कि रोक के बावजूद हास्टल का अवैध निर्माण कर लिया गया है। प्राधिकरण की ओर से कई बार लिखित और मौखिक रूप से निर्माण को रोकने को कहा गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। मोनाड प्रबंधन ने मनमाने तरीके से दोनों हास्टल का निर्माण करा लिया। उनमें बच्चों को भी रखा जाने लगा। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
हिम्मत नहीं जुटा सके अधिकारी
प्राधिकरण के अधिकारियों ने मोनाड पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया और 25 नवंबर 2023 को आदेश जारी कर दिए। उसके बावजूद आदेशों को क्रियान्वित करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। प्राधिकरण ने आदेशों में लिखा कि मोनाड की मनमानी से पिलखुवा महानगर प्लान-2021 का उल्लंघन हुआ है। जिसको किसी प्रकार सहन नहीं किया जा सकता है। उसके साथ ही आठ नवंबर 2023 काे प्राधिकरण ने मोनाड के दोनों हास्टल को सील करने के आदेश दिए। आदेशों पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर कराकर सीलिंग के लिए टीम का गठन कर दिया गया। इसकी जानकारी सीओ और एसडीएम को भी भेज दी गई थी। उसके बावजूद सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई। चर्चा है कि इसके लिए मोनाड से मोटी धनराशि का लेनदेन किया गया। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि मोनाड के प्रभाव के चलते कार्रवाई को अमली-जामा नहीं पहनाया गया होगा।
अब होगी दो साल पुराने आदेशों पर कार्रवाई
प्राधिकरण ने अब मोनाड के अवैध रूप से बनाए गए दोनों हास्टल को सील करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सोमवार को टीम सीलिंग की कार्रवाई के लिए परिसर में पहुंची। सीओ अनीता चौहान और एसडीएम इला प्रकाश अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थीं। टीम की मौजूदगी में एक हास्टल को सील कर दिया गया। वहीं दूसरे हास्टल में छात्र तीनों मंजिल पर थे। एचपीडीए द्वारा मोनाड प्रबंधन को एक सप्ताह में होस्टल को खाली कराने का नोटिस दिया गया है। उसके बाद इसे भी सील कर दिया जाएगा।
इतना बड़ा भवन कैसे बन गया?
एसडीएम इला प्रकाश ने एचपीडीए के सचिव प्रवीण गुप्ता से पूछा कि यह तीन-तीन मंजिल के दो भवन बनकर तैयार हो गए। आपको इनकी जानकारी कैसे नहीं हुई। ऐसा कैसे हो सकता है कि अवैध रूप से निमाण किया जाता रहे और संबंधित अधिकारियों को पता तक नहीं चले। इसका प्राधिकरण के अधिकारी कोई उत्तर नहीं दे सके। एसडीएम, सीओ औा एसएचओ की टीम को यूनिवर्सिटी परिसर में एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। ऐसे में अधिकारियों ने नाराजगी जताई, तब जाकर एचपीडीए की टीम अपने आफिस से चार कमी की दूरी तक पहुंच सकी।
क्या बोले जिम्मेदार
एचपीडीए के सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि हमने एक हॉस्टल को सील कर दिया है। वहीं दूसरे को सील करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। छात्रों के भवन को खाली करते ही सील कर दिया जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी के दो अन्य भवनों की जांच की जा रही है।


