Lakhimpur Kheri: एंटी करप्शन का बड़ा छापा, पीसीएफ के दो कर्मचारी 90 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में एंटी करप्शन टीम ने पीसीएफ कार्यालय में रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। ठेकेदार के 40 लाख रुपये के बिल पास कराने के लिए 90 हजार रुपये की रिश्वत ली जा रही थी। मामले में जांच जारी है।

Sharad Awasthi
Published on: 23 Aug 2025 10:23 PM IST
Lakhimpur Kheri: एंटी करप्शन का बड़ा छापा, पीसीएफ के दो कर्मचारी 90 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
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लखीमपुर खीरी में एंटी करप्शन का बड़ा छापा   (photo: social media )

Lakhimpur Kheri News: प्रादेशिक सहकारी खाद्य भंडारण निगम (पीसीएफ) कार्यालय में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर दो कर्मचारियों को रिश्वत की रकम लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई जिलेभर में चर्चा का विषय बन गई है। गिरफ्तार कर्मचारियों में पटल सहायक अनिल वर्मा और गोदाम कीपर हिमांशु शेखर शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, लखीमपुर के ठेकेदार आनंद सिंह का खाद ढुलाई का करीब 40 लाख रुपये का बिल प्रमाणित होना था। आरोप है कि बिल पास कराने के लिए पीसीएफ कार्यालय के पटल सहायक अनिल वर्मा ने 70 हजार रुपये और गोदाम कीपर हिमांशु शेखर ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर मामला दर्ज कराया, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।

पीसीएफ कार्यालय में जाल बिछाया

भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ मंडल के निरीक्षक अरुणेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने शनिवार दोपहर पीसीएफ कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही दोनों कर्मचारी रिश्वत की रकम ले रहे थे, उसी वक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया। मौके से कुल 90 हजार रुपये की रकम बरामद कर गिनती व सत्यापन के बाद सील कर दी गई।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों को सदर कोतवाली ले जाया गया। वहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एंटी करप्शन संगठन ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है और मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।

पीसीएफ कार्यालय में हड़कंप

इस कार्रवाई की खबर फैलते ही पीसीएफ कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों में खलबली मच गई और जिलेभर में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में छोटे-बड़े काम के लिए सुविधा शुल्क मांगना अब आम हो गया है, लेकिन एंटी करप्शन की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रिश्वतखोरी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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