'बाहुबली अब्बास अंसारी' की वापस लौटी विधायकी, सचिवालय से जारी हुआ आदेश

उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर! इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत के बाद बाहुबली अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल, सचिवालय ने जारी किया आदेश।

Harsh Srivastava
Published on: 8 Sept 2025 8:22 PM IST (Updated on: 8 Sept 2025 8:39 PM IST)
बाहुबली अब्बास अंसारी की वापस लौटी विधायकी, सचिवालय से जारी हुआ आदेश
X

Abbas Ansari MLA membership restored: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम हुआ है। बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल हो गई है। विधानसभा सचिवालय ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। यह फैसला अब्बास अंसारी और उनके समर्थकों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि कुछ समय पहले उन्हें हेट स्पीच मामले में सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी छीन ली गई थी। अब सवाल यह है कि क्या यह कानूनी जीत उनकी सियासी ताकत को और बढ़ाएगी?

हेट स्पीच से सियासी सफर तक

अब्बास अंसारी का नाम राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ कई विवादों में भी रहा है। वह अपने पिता मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। हेट स्पीच मामले में एक एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। यह उनके लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि इससे उनका राजनीतिक करियर अधर में लटक गया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली 'संजीवनी'

अब्बास अंसारी ने निचली अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया, जिससे अब्बास अंसारी को बड़ी राहत मिली। अदालत के इस फैसले के बाद, उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता बहाल कर दी। सचिवालय के आदेश में कहा गया है कि अदालत से राहत मिलने के बाद अब्बास अंसारी को फिर से मऊ विधानसभा क्षेत्र का वैध सदस्य माना जाएगा।


सियासी गलियारों में हलचल

अब्बास अंसारी की सदस्यता बहाली की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। यह फैसला सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि यह उनके राजनीतिक कद को भी मजबूत करेगा। एक बार फिर, वे मऊ विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि बन गए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अब्बास अंसारी इस जीत का फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत कर पाएंगे। यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि कैसे कानूनी लड़ाई और राजनीतिक करियर आपस में जुड़े हुए हैं, और कैसे एक फैसला किसी नेता के भविष्य को बदल सकता है।

1 / 5
Your Score0/ 5
Harsh Srivastava

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.com

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

Next Story