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यूपी STF का बड़ा एक्शन! आगरा से 1 करोड़ कैश व 2.92 करोड़ की नकली दवाइयों के साथ मास्टरमाइंड गिरफ्तार
आगरा में यूपी एसटीएफ ने नकली दवा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
Agra STF Busts Fake Medicine Syndicate Seizes 2.92 Crore Drugs and 1 Crore Cash
UP News: यूपी STF की टीम लगातार अवैध रूप से नकली दवाइयों, शराब आदि का कारोबार करने वालों के खिलाफ छापेमारी करके एक्शन में जुटी हुई है। इसी बीच यूपी STF की टीम ने औषधि विभाग के साथ मिलकर नकली दवा कारोबार के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आगरा में हुई इस कार्रवाई में मेसर्स हे-मां मेडिको एजेंसी के मालिक हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी में टीम ने 1 करोड़ रुपये कैश, 2 मोबाइल फोन, लैपटॉप और 76,370 पत्ते नकली दवाओं के बरामद किए, जिनकी बाजार कीमत करीब 2.92 करोड़ है। जांच में सामने आया कि आरोपी SUN Pharma की Rosuvas और Sanofi India की Allegra समेत कई कंपनियों की नकली दवाओं की बिक्री करता था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने जांच रोकने के लिए टीम को एक करोड़ रुपये रिश्वत देने की कोशिश की। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यूपी STF व औषधि विभाग ने की छापेमारी, 1 करोड़ कैश बरामद
यूपी STF और औषधि विभाग ने आगरा कमिश्नरेट क्षेत्र में नकली दवा कारोबार की सूचना पर संयुक्त कार्रवाई की। पीएम पार्किंग स्टैंड के पास हुई छापेमारी में मेसर्स हे-मां मेडिको एजेंसी के मालिक हिमांशु अग्रवाल को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। मौके से 500-500 रुपये की गड्डियों में 1 करोड़ रुपये कैश और नकली दवाओं से भरा एक टेम्पो बरामद हुआ। बरामद दवाओं की कुल कीमत 2.92 करोड़ आंकी गई है।
छापेमारी करने वाली टीम को रिश्वत का लालच, बैग में मिलीं नोटों की गड्डियां
बताया जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान हिमांशु अग्रवाल ने जांच रोकने और गोदाम से नकली दवाएं हटाने के एवज में छापेमारी करने पहुंची टीम को 1 करोड़ रुपये रिश्वत देने की पेशकश की। आरोपी ने दावा किया कि वह अन्य व्यापारियों का नाम भी बताएगा ताकि अपना कारोबार बचा सके। बैग खोलने पर उसमें 500-500 रुपये की 200 गड्डियां मिलीं। यूपी एसटीएफ ने तत्काल उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत गिरफ्तार किया और आयकर विभाग को कैश बरामदगी की सूचना दी।
इंटरस्टेट नेटवर्क का खुलासा, करोड़ों का कारोबार
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। वह चेन्नई, पांडिचेरी और अन्य शहरों से नकली दवाएं मंगाकर बड़े स्तर पर वितरण करता था। आरोपी की तीन और मेडिकल एजेंसियां हैं, जिनके माध्यम से यह अवैध कारोबार चलता था। वह पहले भी आयकर, जीएसटी और कस्टम विभाग की जांच का सामना कर चुका है। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। रिश्वत मामले में थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। नकली दवाओं के भंडारण व बिक्री को लेकर थाना कोतवाली और एमएम गेट में बीएनएस की धाराओं 318(2), 318(4), 61(2), 111 और 341(1) में मुकदमे दर्ज हुए हैं। एसटीएफ अब इंटरस्टेट नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।


