धनंजय सिंह पर अखिलेश का बुलडोजर...! सरकार पर जमकर गरजे, कहा- 'ये ज़माना CBI नहीं, बुलडोजर का है'

Akhilesh Yadav PC Today: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कफ सिरप मामले में धनंजय सिंह पर तीखा हमला किया और यूपी सरकार की बुलडोजर नीति व SIR प्रक्रिया की आलोचना की। उन्होंने कहा, "ये ज़माना CBI नहीं, बुलडोजर का है" और चुनाव आयोग व बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।

Harsh Srivastava
Published on: 29 Nov 2025 2:57 PM IST
धनंजय सिंह पर अखिलेश का बुलडोजर...! सरकार पर जमकर गरजे, कहा- ये ज़माना CBI नहीं, बुलडोजर का है
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Akhilesh Yadav Press Conference (Photo Credit: Ashutosh Tripathi)

Akhilesh Yadav slams Dhananjay Singh: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने हाल ही में कफ सिरप विवाद में घिरे पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर तीखा पलटवार किया और राज्य में चल रहे सिस्टेमैटिक इन्क्वायरी एंड रिव्यू (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने माफिया के ख़िलाफ़ बीजेपी के 'बुलडोजर मॉडल' पर सवाल उठाते हुए धनंजय सिंह मामले को लपका और कहा, "ये ज़माना CBI का नहीं है, ये ज़माना बुलडोजर का है... बुलडोजर कहाँ है? बुलडोजर कब चलेगा?"


धनंजय सिंह पर सबसे तगड़ा पलटवार

अखिलेश यादव ने कफ सिरप मामले में आरोपी के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद CBI जांच की मांग कर रहे धनंजय सिंह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लखनऊ में मुख्यमंत्री के ऑफिस में बैठकर जो माफिया का काम कर रहा था, उसका एक पार्टनर दुबई भाग गया है, और वो (धनंजय सिंह) खुद कहाँ भागे हैं, यह पता नहीं है। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी का 'डबल इंजन' सरकार भ्रष्टाचार में डूबा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब बीजेपी के अपने लोग माफियाओं के साथ काम कर रहे हैं, तो बुलडोजर कहाँ चला गया है? यह पलटवार बीजेपी के उस नैरेटिव पर सबसे बड़ा हमला है, जिसमें वह अपराधियों के ख़िलाफ़ बुलडोजर चलाने का दावा करती है।


SIR पर BJP-चुनाव आयोग की मिलीभगत

समाजवादी पार्टी के मुखिया ने राज्य में चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "यह जो SIR आखिरकार BJP जल्दबाजी में क्यों है? चुनाव आयोग और BJP दोनों मिले हुए हैं।" अखिलेश ने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश में इस समय लगातार शादियाँ हो रही हैं, और लोग शादियों की तैयारी और आना-जाने में व्यस्त हैं। ऐसे में इतने कम समय में पूरे प्रदेश का एसआईआर कराना और वह भी अकुशल कर्मचारियों से, यह दिखाता है कि बीजेपी जल्दबाजी में है।


उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर लोगों के आरक्षण और अधिकारों को छीना जाएगा। उन्होंने दावा किया कि "भाजपा जो चाहती थी, चुनाव आयोग वो करता है। उप-चुनाव में भी हमने चुनाव आयोग के काम को देखा है कि कैसे बूथ लूटने दिया गया।" उन्होंने इसे लोकतंत्र खत्म करने की साजिश बताया।

बीएलओ की मौत का मुद्दा उठाया

अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया में लगे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कल फतेहपुर में मृतक बीएलओ के परिवार से मुलाकात का ज़िक्र करते हुए कहा कि मृतक पर जल्दी काम करने का दबाव बनाया जा रहा था, और इसी दबाव में उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने लखनऊ के मलीहाबाद के मृतक बीएलओ विजय कुमार की पत्नी को दो लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़ितों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि और बाकी सरकारी सुविधाएँ दी जाएँ। अखिलेश ने दावा किया कि एसआईआर में लगे बीएलओ पर अधिकारी भारी दबाव बना रहे हैं, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए, क्योंकि यह बेहद संवेदनशील मामला है।



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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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