Lucknow से दुबई भेजा गया 1200 किलो दशहरी आम, एफपीओ को पहली बार मिला सीधे निर्यात का मौका

Lucknow Dussehri Mango: इस कदम से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।

Prashant Vinay Dixit
Published on: 16 Jun 2025 5:13 PM IST
Lucknow से दुबई भेजा गया 1200 किलो दशहरी आम, एफपीओ को पहली बार मिला सीधे निर्यात का मौका
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UP News: उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध दशहरी आम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल रही है। लखनऊ से दुबई के लिए 1200 किलो दशहरी आम का सीधा निर्यात किया गया है। जो न केवल क्षेत्रीय किसानों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि कृषि क्षेत्र में बढ़ते एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के महत्व को दर्शाता है। प्रदेश में पहली बार एफपीओ ने सीधे विदेशी बाजार में अपने उत्पाद को भेजा है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों का किया पालन

इस निर्यात में बिचौलिए या बड़े निर्यातक की भूमिका नहीं रही है। लखनऊ के माल ब्लॉक स्थित एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ने खुद आमों की पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात की सारी प्रक्रिया पूरी की है। यह पहल नाबार्ड और कृषि विभाग के सहयोग से संभव हो पाई है। एफपीओ के अध्यक्ष रामकुमार यादव ने बताया कि 'हमारे संगठन से जुड़े लगभग 150 किसानों ने निर्यात अभियान में भाग लिया है। आमों की तुड़ाई, छंटाई और पैकेजिंग अत्यंत सावधानी से की गई, इससे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो पाया है। उन्होंने बताया कि आमों को खास एयर कंडीशंड कंटेनर में रखा गया, ताकि दुबई पहुंचने तक आम की ताजगी बनी रहे।

पहले बड़े व्यापारी होते थे माध्यम

दशहरी आम भारत के सबसे लोकप्रिय आमों में से एक है। जिसकी खुशबू और मिठास दुनियाभर में मशहूर के बाजारों मेें मशहूर है। यह आम पहले बड़े व्यापारी और निर्यातकों के माध्यम से विदेशों में जाता था, जिससे किसानों को सीमित लाभ मिलता था, लेकिन एफपीओ के सीधे जुड़ने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। इस पहल में अहम भूमिका निभाने वाले कृषि विभाग ने बताया कि यह एक मॉडल की तरह है जिसे अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है। हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र का एफपीओ आत्मनिर्भर बने, अपने उत्पादों को खुद निर्यात करने में सक्षम हो पाएं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विदेश में दशहरी आम की भारी मांग

दुबई में बसे भारतीय समुदाय के बीच दशहरी आम की भारी मांग रहती है। वहां से निर्यात के पहले ही सप्ताह में बड़ी संख्या में ऑर्डर मिलने लगे हैं। इससे उत्साहित एफपीओ अन्य देशों जैसे कतर, बहरीन, सऊदी अरब में अपने आम भेजने की तैयारी कर रहा है। इस कदम से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रगति होगी। सरकार और संस्थाएं यदि निरंतर तकनीकी और लॉजिस्टिक सहयोग दें, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश का आम निर्यात कई गुना बढ़ सकता है। यह पहल न केवल आम की मिठास को सीमाओं के पार ले गई है, बल्कि भारतीय किसानों की मेहनत को वैश्विक मान्यता दिलाई है।

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Prashant Vinay Dixit is a former Reporter at Newstrack.com.

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