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Lucknow News: इलेक्ट्रिक वाहनों की लीज डील के नाम पर 2.31 करोड़ की ठगी! भेजीं गलत गाड़ियां, टैक्स चोरी और धमकी का भी आरोप, लखनऊ में दर्ज हुई FIR
Lucknow News: पीड़ितों का आरोप है कि 1.68 लाख प्रति गाड़ी की दर से 40 गाड़ियों की डील हुई, लेकिन गलत मॉडल, हरियाणा नंबर और बिना बीमा व रजिस्ट्रेशन की गाड़ियां भेजी गईं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की लीज डील के नाम पर 2.31 करोड़ की ठगी! भेजीं गलत गाड़ियां (photo: social media )
Lucknow News: लखनऊ में इलेक्ट्रिक वाहनों की लीज डील के नाम पर करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर ZMR Mobility Private Limited के डायरेक्टर व लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी जुनैद अली और जावेद अली ने दिल्ली-NCR की दो कंपनियों पर गलत गाड़ियां भेजने, फर्जी दस्तावेज़ बनाने, टैक्स चोरी करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि 1.68 लाख प्रति गाड़ी की दर से 40 गाड़ियों की डील हुई, लेकिन गलत मॉडल, हरियाणा नंबर और बिना बीमा व रजिस्ट्रेशन की गाड़ियां भेजी गईं। इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि 51 गाड़ियों की डील में केवल 40 भेजी गईं और 11 अब तक नहीं मिलीं। मामले में पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
पीड़ित ने लगाया गलत गाड़ियां व अधूरी डिलीवरी का आरोप
चिनहट के रहने वाले कारोबारी जुनैद अली और जावेद अली ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि 15 से 17 फरवरी के बीच उन्होंने दिल्ली की Logisync Software Private Limited और GlobalTranslantics Supply LLP के डायरेक्टर अंकुश मेहरा के साथ 40 EBLU FEOX इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लीज डील की थी। इस डील में 1.68 लाख की कीमत प्रति गाड़ी तय हुई थी लेकिन जब गाड़ियों की डिलीवरी हुई तो वे गलत मॉडल (FEO), हरियाणा नंबर प्लेट की और बिना बीमा के साथ साथ बिना रजिस्ट्रेशन की थीं। इसके बाद दूसरी डील में भी 51 गाड़ियों का वादा हुआ लेकिन केवल 40 गाड़ियां ही भेजी गईं वो भी अधूरे दस्तावेजों के साथ भेजी गईं।
ट्रांसपोर्टेशन में टैक्स चोरी और माल जब्ती
लखनऊ के पीड़ित व्यवसायी ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस डील के चलते 55 हजार रुपये ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के रूप में अंकुश मेहरा व उनके कर्मचारी सुनील कुमार राठौर को दिए थे। इसमें 40 BGAUSS DISS ई-व्हीकल, 10 बैटरियां और 48 चार्जर भेजने की बात तय हुई थी लेकिन टैक्स चोरी करने के उद्देश्य से जालसाजों की ओर से कम कीमत दिखाकर फर्जी बिल तैयार किए गए, जिसके परिणामस्वरूप कानपुर में सेल टैक्स अधिकारियों ने माल जब्त कर लिया और कंपनी पर चालान भी किया गया, जिससे पीड़ित के बिजनेस को बड़ा झटका लगा।
हुए नुकसान की भरपाई करने को कहा तो मिली धमकी
जावेद अली का कहना है कि जब उन्होंने बाकी बची गाड़ियों की डिलीवरी के साथ साथ बीती डिलीवरी के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग की तो विपक्षियों की ओर से उन्हें धमकियां दी गईं। आरोप है कि प्रशासन से जुड़े लोगों के माध्यम से समझौते का दबाव भी बनाया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित ने ये भी बताया कि आरोपियों की ओर से कुछ फाइनेंस की गई गाड़ियों पर, जिनसे उनका कोई लेनदेन नहीं था, उन्हें जबरन कब्जा कर लिया गया। कारोबारी का कहना है कि ये घटना केवल उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है।
2.31 करोड़ का हुआ नुकसान, पुलिस ने दर्ज की FIR
लखनऊ के पीड़ित कारोबारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े से उन्हें करीब 2.31 करोड़ का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा मानसिक तनाव, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट और व्यवसायिक अवसरों का भी नुकसान हुआ है। उन्होंने इस मामले को लेकर चिनहट थाने में धोखाधड़ी, धमकी और जान-माल के खतरे की तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। अब चिनहट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन कारोबारी का कहना है कि अब उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा की सख्त जरूरत है।


