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Lucknow News: IGRS की शिकायतों को गंभीरता से लें अफसर, मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बैठक कर दिए निर्देश, बोलीं- 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी'
Lucknow News: मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने मौके पर कहा कि IGRS की शिकायतों से जुड़े मामलों अशिकारियों की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगी। IGRS से जुड़े मामलों में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही निश्चित है।
Lucknow News: मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय में IGRS पोर्टल पर दर्ज हो रहीं शिकायतों और उसके निस्तारण को लेकर अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की। इस मौके पर कई विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बैठक में मंडलायुक्त की ओर से IGRS व मुख्यमंत्री संदर्भ के तहत ऑनलाइन प्राप्त होने वाले मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि IGRS से जुड़ी शिकायतों का ईमानदारी पूर्वक निस्तारण किया जाए।
'IGRS की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त': बोलीं मंडलायुक्त
मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने मौके पर कहा कि IGRS की शिकायतों से जुड़े मामलों अशिकारियों की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगी। IGRS से जुड़े मामलों में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही निश्चित है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाधान दिवस पर सामने आने वाले मामलों का ससमय गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कोई भी प्रकरण समय सीमा के बाहर नहीं जाना चाहिए।
मामलों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फोन पर फीडबैक लें अफसर
मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सख्त लहजे में कहा कि IGRS से जुड़े मामलों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं को कॉल करके उनका फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें पेंडिंग होने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने विभागों से जुड़ी लंबित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर कराएं। मण्डलायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि उनकी कार्यकुशलता में लापरवाही पाए जाने पर आईजीआरएस पोर्टल में जिले की रैंकिंग खराब प्रदर्शित होती है।
बैठक में पूछताछ करने पर कई शिकायतों के लंबित होने की बात आई सामने
बैठक के दौरान मंडलायुक्त की ओर से की गई पूछताछ में आया कि मंडल में मुख्यमंत्री संदर्भ के 15 मामले व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के 7 मामले लंबित हैं। इसी प्रकार अधीक्षण अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण लखनऊ के कुल प्राप्त फीडबैक 59, संतुष्ट फीडबैक 25, असंतुष्ट फीडबैक 34 है। जिसके सन्दर्भ में उन्होंने निर्देश दिया कि इतनी संख्या में शिकायती प्रकरण लंबित न रहने पाये। इसका निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि IGRS प्रकरण के निस्तारण में शिथिलता बरतने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को दंडित किया जाएगा।


