लखनऊ में ₹120 करोड़ का रियल एस्टेट महाघोटाला! 72 बिल्डरों ने नागरिकों को धोखा दिया, पैसे लिए पर न जमीन दी न मकान

Lucknow News: लखनऊ रियल एस्टेट घोटाला, ₹120 करोड़ धोखाधड़ी, बिल्डर धोखाधड़ी, लखनऊ संपत्ति धोखाधड़ी, लखनऊ बिल्डरों पर आरोप, रियल एस्टेट अनियमितताएं, लखनऊ प्रशासन, निवेशकों की चिंताएं, लखनऊ में भ्रष्टाचार, अवैध रियल एस्टेट कारोबार, लखनऊ बिल्डर कार्रवाई

Harsh Sharma
Published on: 10 Nov 2025 10:15 AM IST (Updated on: 10 Nov 2025 10:15 AM IST)
लखनऊ में ₹120 करोड़ का रियल एस्टेट महाघोटाला! 72 बिल्डरों ने नागरिकों को धोखा दिया, पैसे लिए पर न जमीन दी न मकान
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Lucknow News: लखनऊ के कई बिल्डरों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने शहर के नागरिकों से भारी राशि लेकर जमीन, मकान और दुकान की बिक्री की है, लेकिन अब तक किसी भी तरह की संपत्ति या अनुबंध नहीं दिया। खबरों के मुताबिक, 72 बिल्डरों ने शहर के विभिन्न इलाकों में 120 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है। इस संदर्भ में कई मामले सामने आए हैं, जहां बिल्डरों ने अपने ग्राहकों को धोखा दिया और उनसे पैसे तो ले लिए, लेकिन उन लोगों को उनकी संपत्ति का अधिकार नहीं दिया।

शहरी इलाकों में अवैध कारोबार

इन बिल्डरों द्वारा धोखाधड़ी के मामले में नया मोड़ तब आया जब लखनऊ के उपनगरों में स्थित प्लॉट्स, मकानों और दुकानों की बिक्री के मामले सामने आए। इन बिल्डरों ने पैसे लेकर कई प्रॉपर्टीज़ बेच दीं, लेकिन ग्राहकों को कई सालों से उनके पैसे का कोई वाजिब जवाब नहीं मिला है। इसके बावजूद, अधिकारियों और कानून व्यवस्था को यह सब नजरअंदाज करने की अनुमति मिल रही है। यह खुलासा तब हुआ जब नागरिकों ने अपनी शिकायतों को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों से संपर्क किया। बाद में, उपनगरों और शहर के विभिन्न हिस्सों में जांच के दौरान यह पाया गया कि इन बिल्डरों ने जमीन और भवनों की बिक्री में अनियमितताएं की हैं।

बिल्डरों पर कार्रवाई की कमी

इसके बावजूद, लखनऊ प्रशासन ने अब तक इन बिल्डरों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। प्रशासन द्वारा की गई जांच में यह भी पता चला कि इन बिल्डरों का एक संगठित नेटवर्क है जो ग्राहकों को धोखा देने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर अनियमित तरीके से काम करता है।

जांच की प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक कमजोरी

इतना ही नहीं, सरकारी अधिकारियों की ओर से भी इस मामले में ठोस कार्रवाई की कमी देखी गई है। शहर के कई इलाकों में बिल्डरों ने भ्रष्टाचार और अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ करके कानून की धज्जियां उड़ाई हैं। नागरिकों की शिकायतों के बावजूद, प्रशासन से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इन अवैध कामों पर सख्त कार्रवाई करेगा या यह स्थिति और बढ़ने पाएगी।

निवेशकों की बढ़ती चिंताएं

इस स्थिति ने शहर के निवासियों और निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। अब लोग यह सोचने लगे हैं कि क्या वे भविष्य में इन बिल्डरों से संपत्ति खरीदने में सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। अवैध कारोबार और बिल्डरों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की कमी ने लोगों का विश्वास खो दिया है।

अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की उम्मीद

अब, यह जरूरी हो गया है कि प्रशासन और सरकारी एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लें और बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। अगर जल्द ही इन मामलों में न्याय नहीं मिला, तो लखनऊ में अन्य बिल्डरों द्वारा इसी तरह की धोखाधड़ी की संभावना और बढ़ सकती है, जो नागरिकों के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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