लखनऊ की रफ्तार बनी कछुआ, लोग बोले: घर से निकलने में लगता है डर

Lucknow News: लखनऊ में मंगलवार को भीषण जाम ने आमजन की रफ्तार रोक दी। सुबह 10 बजे के बाद से ही हजरतगंज, चारबाग, आलमबाग, कैसरबाग, अलीगंज, गोमतीनगर और चिनहट क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

Ashutosh Tripathi
Published on: 12 Aug 2025 4:00 PM IST (Updated on: 12 Aug 2025 4:18 PM IST)
लखनऊ की रफ्तार बनी कछुआ, लोग बोले: घर से निकलने में लगता है डर
X

Lucknow traffic News

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को भीषण जाम ने आमजन की रफ्तार रोक दी। सुबह 10 बजे के बाद से ही हजरतगंज, चारबाग, आलमबाग, कैसरबाग, अलीगंज, गोमतीनगर और चिनहट क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मुख्य चौराहों पर सिग्नल पर वाहनों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई जगह ट्रैफिक कर्मियों को लाइट बंद सिग्नल लाइट बंद करके हाथ से ट्रैफिक संचालित करना पड़ा। लेकिन बावजूद इसके लगातार गाड़ियों का लोड बढ़ने से गाड़ियों की रफ्तार कछुए की चाल में तब्दील हो गई। हालात यह रहे कि पांच किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों 1 से 2 घंटे लग गए।



जाम के चलते घर से निकलने में लगता है डर

हाईकोर्ट के पास जाम में फंसे विक्रम राजपूत ने कहा कि लगातार बिगड़ते ट्रैफिक चलते घर से निकलने में डर सा लगने लगा है। सुबह 9 बजे से ही जाम लगना शुरू हो जाता है। कई बार तो जाम के डर से हम अपने जरूरी काम भी टाल देते हैं। आप सड़क पर गाड़ी चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है।


ट्रैफिक विभाग के एक्सपेरीमेंट बने चुनौती

ट्रैफिक विभाग जाम के झाम से मुक्ति पाने के लिए चौराहों पर रोज़ नये एक्सपेरीमेंट कर रहा है और यही एक चालक के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रही है। क्योंकि इन एक्सपेरीमेंट के बारे में विभाग तो जानता है लेकिन एक चालक इन रोज़ नये होने वाले एक्सपेरीमेंट से अनभिज्ञ रहता गई। जिसकी वजह से कन्फ़्यूज़न बढ़ जाता है और जाम की स्थिति पैसा हो जाती है।

तस्वीरों के जरिये देखें जाम की भयावहता:

















1 / 7
Your Score0/ 7
Ashutosh Tripathi
ABOUT THE AUTHOR

Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

Next Story