लखनऊ में हुआ 'सात्यकि – द्वापर का अजेय योद्धा' का भव्य विमोचन! मालिनी अवस्थी की उपस्थिति में लेखक दुष्यंत प्रताप सिंह की ऐतिहासिक पेशकश, जानिए क्या है खास

Satyaki book launch In Lucknow: कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई देश की जानी-मानी लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को एक सांस्कृतिक उत्सव में बदल कर दिया।

Ashutosh Tripathi
Published on: 25 July 2025 4:01 PM IST (Updated on: 25 July 2025 4:14 PM IST)
Satyaki book launch In Lucknow
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Satyaki book launch In Lucknow

Satyaki book launch In Lucknow: भारत की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से पहचाना जाने वाला शहर लखनऊ आज एक ऐतिहासिक साहित्यिक क्षण का साक्षी बना। यहां यूनिवर्सल बुक सेलर्स पर बॉलीवुड के प्रख्यात निर्देशक व लेखक दुष्यंत प्रताप सिंह की नवीनतम पौराणिक कृति 'सात्यकि – द्वापर का अजेय योद्धा' का भव्य विमोचन हुआ। इस अवसर पर साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मंच पर नज़र आयीं।

मालिनी अवस्थी ने कार्यक्रम में लगाया चार चांद


कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई देश की जानी-मानी लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को एक सांस्कृतिक उत्सव में बदल कर दिया। साथ ही प्रसिद्ध शिक्षाविद श्री राजेश दयाल, यूनिवर्सल बुक सेलर्स के CEO श्री गौरव प्रकाश और स्वयं लेखक दुष्यंत प्रताप सिंह ने मंच को साझा किया।

यह पुस्तक द्वापर युग के महान योद्धा सात्यकि के जीवन पर आधारित एक अद्वितीय महागाथा है, जो आज की पीढ़ी को भारत के भूले-बिसरे वीरों से परिचित कराती है। पुस्तक का विमोचन केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक प्रयास था।

पीढ़ियों ज्ञान में वृद्धि करेगी - मालिनी अवस्थी


मालिनी अवस्थी जी ने इस अवसर पर कहा, “मैं आज बेहद प्रसन्न और हर्षित हूं कि आज के लेखक ऐसे योद्धाओं और कर्मयोगियों पर लिखने में रूचि रखते हैं, जो धीरे-धीरे हमारी स्मृति से धुंधले हो गए थे। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को न सिर्फ ऐतिहासिक ज्ञान में वृद्धि करेगी, बल्कि उन्हें गर्व और प्रेरणा का अनुभव भी कराएगी।”

राजेश दयाल ने बताया 'एक युगों का दस्तावेज'

शिक्षाविद राजेश दयाल ने इसे 'एक युगों का दस्तावेज' बताया और कहा कि “ऐसी पुस्तकों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की पुस्तकालयों में अवश्य खास जगह मिलनी चाहिए। ये केवल किताबें नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र गौरव को पुनः जाग्रत करने वाले ग्रंथ हैं।”

गौरव प्रकाश ने भी व्यक्त किये अपने विचार

यूनिवर्सल बुक सेलर्स के CEO गौरव प्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “जब हमारे बुक स्टोर पर ऐसी कृतियां आती हैं, तो यह सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले लेता है।” उन्होंने बताया कि यह पुस्तक उनके लिए केवल एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि गौरव का बड़ा विषय है।

कितना समय लगा किताब लिखने में ?

लेखक व निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह ने इस अवसर पर बताया कि इस किताब को लिखने में उन्हें लगभग दो साल का वक़्त लग गया और इसके लिए उन्होंने महाभारत, पुराणों और ऐतिहासिक ग्रंथों का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने आगे कहा कि यह केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि सात्यकि जैसे वीरों को वर्तमान से जोड़ने का एक अटूट प्रयास है।

अक्टूबर में आएगा पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण

उन्होंने यह भी घोषणा की कि “इस पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण अक्टूबर महीने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा और भविष्य में इस पर आधारित एक वेब सीरीज़ के निर्माण की भी योजना है।” उनका मानना है कि “इतिहास को केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि दृश्य रूप में देखना और महसूस करना भी बहुत महत्वपूर्ण है।”

उल्लेखनीय है कि 'सात्यकि – द्वापर का अजेय योद्धा' अब सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और बुक स्टोर्स जैसे क्रॉसवर्ड, यूनिवर्सल, ओम बुक्स और सपना बुक हाउस पर उपलब्ध है। साथ ही इसका ऑडियोबुक संस्करण, जो लगभग 8.5 घंटे का है, भी ऑनलाइन उपलब्ध है जिसमें इंडस्ट्री के प्रमुख टेक्नीशियन शामिल रहे हैं।

वैश्विक पहचान दिलाने में निभाएंगे बड़ी भूमिका


कार्यक्रम के अंत में मंचासीन अतिथियों ने लेखक को इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे प्रयास ही भारत की सनातन संस्कृति और वीर गाथाओं को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक बनेंगे। बता दे, इस तरह राजधानी लखनऊ में यह आयोजन सिर्फ एक किताब का विमोचन नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की तरफ बढ़ा कदम था – जिसमें बीते युगों के महानायकों को आधुनिक समाज से फिर से जोड़ा गया।

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Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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