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UP News: UP माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रदेशव्यापी संघर्ष: 20 अगस्त को धरना और मुख्यमंत्री को 31 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित
UP Secondary Teachers Union: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्र और महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस ज्ञापन में कुल 31 प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है।
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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने 20 अगस्त को प्रदेशभर के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में धरने की घोषणा की है। यह धरना संघ के प्रादेशिक संघर्ष का हिस्सा है और इस दौरान जिले के सभी विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। धरने के समापन पर संघ मुख्यमंत्री को एक 31 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित करेगा, जिसमें शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग की जाएगी।
CM को भेजे जाने वाले ज्ञापन में प्रमुख मांगें
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्र और महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस ज्ञापन में कुल 31 प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है। इन मुद्दों में प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन योजना की बहाली, माध्यमिक शिक्षा अधिनियम में चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 12, 18 और 21 का समावेश, शिक्षकों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण और वित्तविहीन विद्यालयों में समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की जाएगी। इसके अलावा, 7 जून, 2025 के राजाज्ञानुसार ऑफलाइन स्थानांतरण की व्यवस्था भी शामिल है।
सिटीजन चार्टर और भ्रष्टाचार पर अंकुश की मांग
लखनऊ के जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा और जिलामंत्री महेश चंद्र ने बताया कि लखनऊ में सायं 3 बजे एक और ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। इस ज्ञापन में जनपद स्तर की समस्याओं को उठाया जाएगा, जिनमें शिक्षा भवनों में सिटीजन चार्टर लागू किए जाने और शिक्षा कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग की जाएगी। इसके अतिरिक्त, घूसखोरी और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने की भी अपील की जाएगी।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संघ का कड़ा रुख
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने यह स्पष्ट किया कि यह संघर्ष शिक्षकों के हक में है और संघ ने इसे लेकर अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई है। संघ का मानना है कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो यह संघर्ष और भी तेज किया जाएगा। वहीं इस आंदोलन को लेकर शिक्षकों में गहरी नाराजगी और आक्रोश है, और सभी जिलों में धरने की तैयारी चल रही है। यह धरना आगामी दिनों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


