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छात्र हो जाएं सावधान: यूपी के ठगों ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की बनाई फर्जी वेबसाइट, ऐसे हुआ खुलासा
यह खुलासा तब हुआ जब हरियाण कर्मचारी चयन आयोग के कॉम एलिजिबिलिटी परीक्षा 2025 के रजिस्ट्रेशन के की तरह दिखने वाली फर्जी वेबसाइट से अभ्यर्थियों को ठगी करने का मामला सामने आया है। इस फर्जी वेबसाइट को हाल ही में Hostinger डोमेन पर रजिस्टर्ड किया गया था और इसके ज़रिए अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे वसूले जा रहें थे।
- HSSC बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
Lucknow news : यूपी के ठगों ने अब ठगी करने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को निशाना में लिया है। यह खुलासा तब हुआ जब हरियाण कर्मचारी चयन आयोग के कॉम एलिजिबिलिटी परीक्षा 2025 के रजिस्ट्रेशन के की तरह दिखने वाली फर्जी वेबसाइट से अभ्यर्थियों को ठगी करने का मामला सामने आया है। इस फर्जी वेबसाइट को हाल ही में Hostinger डोमेन पर रजिस्टर्ड किया गया था और इसके ज़रिए अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे वसूले जा रहें थे।
विभाग की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही एचएसएससी विभाग ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए पंचकूला सेक्टर 5 पुलिस थाना में केस दर्ज करवाया। मामले में जांच करते हुए पुलिस ने उत्तर प्रदेश गोरखपुर के रहने वाले चार आरोपी को हिरासत में लेने में मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद जांच में जुटी साइबर पुलिस टीम ने कार्रवाइ करते हुए सबसे पहले गूगल से फर्जी वेबसाइट को हटवाया। ताकि अभ्यर्थियों ठगी से बचाया जाए।
पंचकूला उपायुक्त की निगरानी में जांच के लिए टीमें गठित
बतादें कि मामले की जानकारी होते ही पुलिस उपायुक्त पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने इस पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं और लगातार जांच टीमों से अपडेट ले रही हैं। साइबर थाना ने तीन टीमें गठित की गईं, जिनकी कार्रवाई के दौरान चार आरोपी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से, एक को हरियाणा के कुरुक्षेत्र से और एक को फतेहाबाद से हिरासत में लिया गया है। जिसमें से पुलिस ने मुख्य आरोपी जिसने फर्जी वेबसाइट लिंक बनाया था उसको भी हिरासत में ले लिया है।
अभ्यर्थियों को ऐसे बनाया निशाना
साइबर एक्सपर्ट्स की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से 77 अभ्यर्थियों से करीब 22,530 रुपये की ठगी की है। आरोपियों ने वेबसाइट से अभ्यर्थियों को फार्म अप्लाई के नाम पर चार्ज करते थे। फार्म को भरने के बाद फीस लेने के लिए क्यूआर कोड भेजकर रुपये लेते थे।
डीसीपी क्राइम अमित दहिया ने की छात्रों से अपील
फर्जी वेबसाइट मामले का खुलासा होते ही हरियाण पुलिस के डीसीपी क्राइम अमित दहिया ने युवकों से अपील करते हुए कहा कि पकड़े गए ठगों से लगातार पूछताछ जारी है। इसके साथ सभी आरोपियों से यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसके पहले भी सरकारी विभाग कौन सी वेबसाइट से लोगों से ठगी करने का काम किया है।
अभ्यर्थी वेबसाइट में इन बातों का दें ध्यान
डीसीपी क्राइम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी केवल .gov.in डोमेन वाली आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी अनधिकृत लिंक, QR कोड या UPI ID से कोई भुगतान न करें। साइबर ठगी के मामलों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


