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यूपी की सियासी गलियारों में मची हलचल, अचानक छुट्टी पर गए मुख्य सचिव एसपी गोयल
IAS SP Goyal on leave: यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल कार्यभार संभालने के सिर्फ 18 दिन बाद ही अचानक छुट्टी पर चले गए। उनकी अनुपस्थिति में दीपक कुमार को कमान सौंपी गई है।
IAS SP Goyal on leave: लखनऊ की गर्म हवाओं के बीच नौकरशाही में ऐसी सनसनी फैल गई है कि हर अफसर चौंक उठा। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव बने महज़ 18 दिन ही हुए थे कि आईएएस शशि प्रकाश गोयल अचानक लंबी छुट्टी पर चले गए। इस ख़बर ने लोक भवन से लेकर सचिवालय तक अफसरों में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। 31 जुलाई को कार्यभार संभालने वाले एसपी गोयल को योगी सरकार के सबसे भरोसेमंद अफसरों में गिना जाता था। आठ सालों से मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी पकड़ और साफ-सुथरी छवि ने उन्हें प्रशासन का "फौलादी चेहरा" बना दिया था। लेकिन, अचानक लिए गए इस अवकाश ने सबको हैरत में डाल दिया है।
दीपक कुमार को सौंपी कमान
शासन ने उनकी अनुपस्थिति में कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार को मुख्य सचिव और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। 1990 बैच के इस वरिष्ठ आईएएस को अब प्रदेश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उठानी होगी। दीपक कुमार की पहचान एक शांत लेकिन निर्णायक अफसर के तौर पर होती है।
बड़े बदलाव की आहट
सूत्र बताते हैं कि यूपी की नौकरशाही में जल्द ही बड़े पैमाने पर फेरबदल होने वाला है। अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों से लेकर कई जिलों के डीएम और मंडलायुक्त तक की कुर्सियां हिल सकती हैं। लोक भवन के पंचम तल पर तबादलों की लिस्ट पर माथापच्ची चल रही थी, लेकिन लिस्ट जारी होने से पहले ही एसपी गोयल छुट्टी पर चले गए। यही वजह है कि अब मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद पर ज़िम्मेदारी और बढ़ गई है। विधानसभा चुनावों, पंचायत चुनावों और आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के मद्देनज़र सही अफसरों की तैनाती बेहद अहम मानी जा रही है।
अफसरों में खलबली
राज्य में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कई चर्चित अफसरों के विभाग बदले जाएंगे। यूपी पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के बीच चल रहे विवाद की वजह से आशीष गोयल की कुर्सी डोल रही है। वहीं, लंबे समय से योजना विभाग देख रहे आलोक कुमार को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। कार्मिक विभाग और जीएसटी के प्रमुख सचिव एम देवराज भी बदलाव की मांग कर चुके हैं।
एसपी गोयल की दबंग छवि
एसपी गोयल का नाम यूपी से लेकर दिल्ली तक एक निडर और ईमानदार अफसर के तौर पर लिया जाता है। जो अफसर उन्हें करीब से जानते हैं, कहते हैं कि वे किसी भी दबाव में कभी नहीं झुकते। 2024 का एक वाकया इसका बड़ा सबूत है। उस वक्त सिंचाई विभाग के 750 सहायक इंजीनियरों के तबादले की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची थी। यह फाइल जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने खुद भेजी थी। लेकिन गोयल को इतनी बड़ी संख्या में तबादले तार्किक नहीं लगे और उन्होंने फाइल को बार-बार लौटा दिया। यही नहीं, सैमसंग इंडिया को निर्धारित सीमा से अधिक सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी उन्होंने ठुकरा दिया था। उनकी इस साफगोई और बेबाक रवैये ने उन्हें सत्ता के गलियारों में अलग पहचान दिलाई।


