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यूपी की राजनीति में बारा समाज की दहाड़! सुहेलदेव पार्टी ने गीता राणा को दिया बड़ा पद, विपक्ष में मची खलबली!
Lucknow News: यूपी की राजनीति में बारा समाज की दहाड़! सुहेलदेव पार्टी ने गीता राणा को दिया बड़ा पद, विपक्ष में मची खलबली!
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की सियासत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने एक ऐसा दांव चला है जिससे न सिर्फ विपक्ष की नींद उड़ गई है बल्कि एक पूरे समाज को नई पहचान देने का प्रयास भी शुरू कर दिया गया है। पार्टी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘‘बारा समाज प्रकोष्ठ’’ का गठन किया है और इसकी कमान सौंप दी है श्रीमती गीता राणा को, जिन्हें बारा समाज प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर आयोजित एक विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खुद पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने की, जो सामाजिक न्याय के दमदार चेहरे माने जाते हैं। जैसे ही श्रीमती गीता राणा की नियुक्ति की घोषणा हुई, पूरे बारा समाज में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक यह खबर आग की तरह फैल गई। इस मौके पर गीता राणा ने एक ऐसा वादा किया, जिसने सभी को चौका दिया। उन्होंने घोषणा की कि, “मैं पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाऊंगी और महज दो महीनों में पूरे प्रदेश में बारा समाज प्रकोष्ठ का मजबूत संगठन खड़ा करूंगी।”
यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि SBSP की सामाजिक न्याय की रणनीति का हिस्सा है, जो अब जातियों और समाजों को सीधे-सपाट प्रतिनिधित्व देने पर काम कर रही है। डॉ. अरविंद राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम हर उस समाज को ताकत देंगे जिसे अब तक सियासत में सिर्फ वोट बैंक समझा गया। अब उन्हें हक और हिस्सेदारी दी जाएगी।”
बैठक में SBSP के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे जिनमें राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी पतिराम राजभर, राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मंच हेमंत सिंह, प्रदेश महासचिव पूर्वांचल रविकांत प्रजापति, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष खुर्शीद आलम समेत दर्जनों नेता शामिल रहे। विशेष बात यह रही कि जैसे ही गीता राणा को अध्यक्ष बनाया गया, बारा समाज के कई युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी जॉइन करने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम को यूपी की राजनीति में “बारा कार्ड” खेलने के तौर पर देखा जा रहा है। क्या यह बदलाव 2027 के चुनावों की नई दिशा तय करेगा? राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं – अगर SBSP ऐसे ही हर समाज को ताकत देती रही तो आने वाले समय में वह एक ‘किंगमेकर’ नहीं बल्कि ‘किंग’ बनकर उभरेगी।


