Mathura News: यमुना के बढ़ते जलस्तर से मथुरा में बाढ़ का खतरा, किसानों की फसल संकट में

Mathura News: मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति, किसानों की फसल नष्ट होने के कगार पर, ग्रामीणों का पलायन शुरू। प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए।

Amit Sharma
Published on: 9 Aug 2025 8:31 PM IST
Mathura News: यमुना के बढ़ते जलस्तर से मथुरा में बाढ़ का खतरा, किसानों की फसल संकट में
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Mathura News: यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खासकर शेरगढ़–नौहझील रोड पर करीब 2 फीट पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बाबूगढ़ में पानी पूरी तरह से घुस चुका है, जिससे ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी पार कराने के एवज में ट्रैक्टर चालक मोटी रकम वसूल रहे हैं—बाइक पार कराने के 100 रुपये और सवारी के 20 रुपये तक लिए जा रहे हैं। इससे बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

थानाध्यक्ष शेरगढ़ ने बताया कि वे लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर रहे हैं और बाबूगढ़ सहित अन्य गांवों की स्थिति उच्च अधिकारियों को अवगत करा दी गई है। प्रशासन की ओर से बचाव कार्य के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बाढ़ में उनका अनाज और पशु दोनों को भारी नुकसान हुआ था। इस बार भी पानी लगातार बढ़ रहा है और अगर रात में जलस्तर और बढ़ा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। उनका आरोप है कि निरीक्षण तो रोज़ होता है, लेकिन पानी गांव में घुसने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

गांव वालों ने प्रशासन से अपील की है कि गोकुल बैराज के फाटक खोल दिए जाएं ताकि पानी का स्तर कम हो सके। साथ ही, सुरक्षित स्थान पर अस्थायी शिविर, राशन और पीने के पानी की व्यवस्था तत्काल की जाए। यमुना का यह विकराल रूप न केवल आवासीय इलाकों को खतरे में डाल रहा है, बल्कि किसानों की फसलें भी पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर हैं। बढ़ते जलस्तर से पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल है, और अब सबकी निगाहें प्रशासनिक राहत कार्यों पर टिकी हैं।

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