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सपने में आई मां ने कहा- व्यापारियों की मदद करो, भाजपा नेता विनीत अग्रवाल ने दी 5 लाख की सहायता
Meerut News: मेरठ के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों को भाजपा नेता विनीत अग्रवाल ‘शारदा’ ने 5 लाख रुपये की सहायता दी, कहा- मां के सपने ने प्रेरित किया।
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Meerut News: मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद मचे हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच एक भावनात्मक पल उस समय देखने को मिला। जब भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल ‘शारदा’ खुद प्रभावित व्यापारियों के बीच पहुंचे और पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। सोमवार को ‘शारदा’ ने बताया कि वे यह मदद अपनी स्वर्गवासी मां के कहने पर करने पहुंचे थे।शारदा ने बताया, “मेरी मां मुझे सपने में दिखाई दीं और कहा कि इन व्यापारियों की मदद करो, उनके दुःख को अपना समझो। मां की बात को मैं टाल नहीं सका और आज उनके आशीर्वाद से व्यापारियों की सेवा करने आया हूं।” उन्होंने कहा कि यह राशि सिर्फ शुरुआत है, आगे भी जो संभव होगा, वे करेंगे।
सेंट्रल मार्केट में बीते दिनों आवास विकास परिषद ने 22 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके अलावा 31 प्लॉटों पर बनी करीब 90 दुकानों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। परिषद की इस कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं और पूरा बाजार बंद है। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी छिन गई है।संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि यदि प्रशासन ने ध्वस्तीकरण रोकने की गारंटी नहीं दी, तो वे पूरा मेरठ बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद करने को मजबूर होंगे। इसी बीच, डासना मंदिर की महंत यति मां चेतनानंद सरस्वती भी व्यापारियों के समर्थन में धरने पर पहुंचीं। उन्होंने कहा, “मैं तब तक यहां से नहीं उठूंगी, जब तक इन व्यापारियों को न्याय नहीं मिलता।”
जानकारी के मुताबिक, आवास विकास परिषद की दो दिवसीय कार्रवाई के दौरान शास्त्रीनगर स्थित अवैध कॉम्प्लेक्स (661/6) को हाइड्रा और जेसीबी ड्रिल मशीन से महज 22 सेकंड में जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने सेंट्रल मार्केट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।धरने पर बैठे व्यापारी अपने परिवारों के साथ वहीं डटे हुए हैं। बाजार में अस्थायी भट्टियां लगाकर खाना बनाया जा रहा है, और प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन ध्वस्तीकरण रोकने की लिखित गारंटी नहीं देता, वे पीछे नहीं हटेंगे।विनीत अग्रवाल शारदा की इस पहल ने जहां व्यापारियों के चेहरों पर कुछ राहत दी, वहीं पूरे बाजार में यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर एक नेता अपनी मां के सपने को साकार करने मैदान में उतर आया।


