Meerut News: नमो भारत कॉरिडोर पर बरसेगा नहीं, सहेजा जाएगा पानी! एनसीआरटीसी ने 900 रेन वॉटर पिट्स से रचा पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय

Meerut News: मेरठ तक फर्राटा भरती नमो भारत ट्रेन अब सिर्फ सफर की सहूलियत नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने की एक मिसाल भी बन गई है।

Sushil Kumar
Published on: 22 July 2025 6:02 PM IST
Meerut News: नमो भारत कॉरिडोर पर बरसेगा नहीं, सहेजा जाएगा पानी! एनसीआरटीसी ने 900 रेन वॉटर पिट्स से रचा पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय
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Meerut News: दिल्ली से मेरठ तक फर्राटा भरती नमो भारत ट्रेन अब सिर्फ सफर की सहूलियत नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने की एक मिसाल भी बन गई है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को जल संरक्षण की दिशा में भी आदर्श मॉडल बना दिया है। पूरे 82 किलोमीटर लंबे रूट पर करीब 900 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स तैयार किए गए हैं, जिनमें से 800 से अधिक पिट्स पहले ही चालू हो चुके हैं।

अब जब भी बारिश होगी, वो यूं ही बहकर नाली में नहीं जाएगी। एलिवेटेड ट्रैक, स्टेशन की छतों और डिपो परिसर में हर एक बूंद को सहेजने के लिए हाईटेक तकनीक से लैस रिचार्ज पिट्स बनाए गए हैं। स्टेशन परिसर में बने हर पिट की क्षमता 6500 लीटर है, जबकि वायाडक्ट के नीचे बने बड़े पिट्स 8700 लीटर तक जल संग्रह कर सकते हैं। ये सभी पिट्स फ़िल्टर सिस्टम से लैस हैं, ताकि भूमिगत जल स्रोतों तक पहुंचे सिर्फ साफ पानी।

दुहाई (गाजियाबाद) स्थित डिपो में तो जल संचयन की तकनीक और भी प्रभावशाली है। यहां दो बड़े तालाब बनाए गए हैं जिनकी जल संग्रह क्षमता 66 लाख लीटर से अधिक है। बारिश का अतिरिक्त पानी इन तालाबों में एकत्र होगा और फिर धीरे-धीरे ज़मीन में समा जाएगा — साथ ही डिपो के पेड़-पौधों की प्यास भी इन्हीं तालाबों से बुझाई जाएगी।एनसीआरटीसी का यह कदम सिर्फ तकनीकी दक्षता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल-सुरक्षा की एक दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। दिल्ली-एनसीआर में भूजल स्तर गिरने की चिंता के बीच यह परियोजना उम्मीद की एक ठोस किरण बनकर सामने आई है।

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Shalini Rai

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