नवरात्रि में यूपी के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब: 2 करोड़ से अधिक पहुंचे श्रद्धालु

Navratri Uttar Pradesh: शारदीय नवरात्रि 2025 में यूपी के शक्तिपीठों में दर्शनार्थियों की रिकॉर्ड संख्या, सरकार ने व्यवस्था और सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी।

Manu Shukla
Published on: 1 Oct 2025 8:33 PM IST
Navratri 2025
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Navratri 2025 

Navratri Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की पावन भूमि पर इस बार शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं रही, बल्कि यह आयोजन आस्था, परंपरा और नारी शक्ति के एक विराट रूप के रूप में सामने आया। पूरे प्रदेश में स्थित देवी मंदिरों की स्थिति देखी जाए तो यह स्पष्ट होता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले आठ वर्षों में न केवल इन धार्मिक स्थलों को संजोने का कार्य किया है, बल्कि इन्हें आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ा है, जिससे श्रद्धालुओं को नया अनुभव प्राप्त हुआ है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

इसी का परिणाम रहा कि पूर्वांचल के प्रसिद्ध विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक, नवरात्रि के नौ दिनों में प्रदेशभर के देवी मंदिरों में कुल मिलाकर करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अकेले मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। यह शक्तिपीठ राज्य के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है, जहां रोज़ाना औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आए। सामान्य दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना अधिक रही।

विंध्याचल में बढ़ाई गई सुविधाएं

सरकार द्वारा निर्मित विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं की सुविधा को और बढ़ाया। विशेष रूप से नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां 6 से 7 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे। इसी तरह 51 शक्तिपीठों में शामिल मां विशालाक्षी मंदिर में भी भक्तों की संख्या में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार भक्त प्रतिदिन पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक, जबकि मां कुष्मांडा मंदिर, दुर्गाकुंड में नौ दिनों में 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। अंतिम तीन दिनों में यहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शाकम्भरी धाम में 7 लाख, और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में 4 लाख श्रद्धालु पहुंचे। बलरामपुर के मां पाटेश्वरी मंदिर में इस बार 6.5 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। सप्तमी से नवमी के बीच यहां सबसे अधिक भीड़ रही। मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का आयोजन भी किया, जिसमें परंपरा और आस्था का सुंदर संगम देखने को मिला। प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर यहां रोज़ाना ढाई लाख तक भक्त आए।

राज्य सरकार ने खर्च कराए 6 करोड़ रुपये

मां कल्याणी देवी मंदिर में 6 लाख, और मां ललिता देवी मंदिर में रोज़ाना 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। राज्य सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, रोशनी और सौंदर्यीकरण कार्य कराए हैं। गोरखपुर का तरकुलहा देवी मंदिर इस बार श्रद्धा का केंद्र बना रहा, जहां औसतन 50 हजार और नवमी पर 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। कुल मिलाकर 5 लाख से अधिक भक्त यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। अंतिम तीन दिनों में यहां प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां भी पर्यटन विकास कार्यों पर कई करोड़ रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार 40 हजार, जबकि कामाख्या देवी मंदिर में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जौनपुर के मां शीतला चौकिया मंदिर में प्रतिदिन 70 हजार, और सप्तमी से नवमी तक 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे। नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां विशेष भीड़ देखी गई।

आगरा का प्राचीन मंदिर बना आकर्षण का केंद्र

आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर इस बार विशेष आकर्षण बना रहा, जहां 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख, और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा के नरी सेमरी माता मंदिर में 3 लाख श्रद्धालु आए। यहां की अनोखी परंपराएं जैसे मूर्ति के खड़े होने और लाठी-डंडे से पूजा का विशेष आकर्षण रहा। झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में प्रत्येक में 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व भी लोगों को आकर्षित करता है। महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख, और औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके अतिरिक्त हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों में भी देवी मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

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