Political News: जातीय जनगणना पर अखिलेश का बड़ा बयान-यह सामाजिक न्याय की शुरुआत है, पीडीए के लिए बनेगा डेटा सेंटर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस फैसले को विपक्षी इंडिया गठबंधन की वैचारिक जीत करार देते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है

Virat Sharma
Published on: 1 May 2025 3:58 PM IST (Updated on: 1 May 2025 7:57 PM IST)
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Akhilesh Yadav (Photo: Newstrack)

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र सरकार के जातीय जनगणना कराने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, यहीं से सामाजिक न्याय की असली लड़ाई शुरू होती है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि जातीय जनगणना को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी न की जाए।

सरकार अब जातीय जनगणना के लिए तैयार

लखनऊ में अखिलेश ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि मोदी सरकार ने जातीय जनगणना का जो फैसला लिया है, वह स्वागत योग्य है। लेकिन चुनाव में कोई धांधली न हो और सरकार इस प्रक्रिया में कोई चालबाजी न किया जाए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस फैसले को विपक्षी इंडिया गठबंधन की वैचारिक जीत करार देते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है, मनविधान से नहीं। सरकार अब जातीय जनगणना के लिए तैयार हो गई है, यह लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए शुभ संकेत है। अब निजी संस्थाओं में नौकरी और प्रतिनिधित्व को लेकर बहस शुरू होगी।

देश का डाटा निकाला जाए तो 99 फीसदी मजदूर पीडीए वर्ग के होंगे: अखिलेश

इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मजदूरों और श्रमिकों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जो हालात हैं, उनमें सबसे अधिक शोषण पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों का हो रहा है। आज देश का डाटा निकाला जाए तो 99 फीसदी मजदूर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के होंगे। भारतीय जनता पार्टी राज में हम मशीन समझे जा रहे हैं। मजदूरी में भी कमीशनखोरी हो गई है तो वहीं आउटसोर्सिंग से शोषण और बढ़ा है।

अब पीडीए डेटा सेंटर की जरूरत: अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि अब समय आ गया है कि पीडीए हेल्पलाइन के बाद एक पीडीए डेटा सेंटर भी बनाया जाए ताकि समाज के इन वर्गों के अधिकार और भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हमने सरकारी वेबसाइट से आंकड़े लेकर जब ग्राफ पेश किया, तो सरकार को बुखार आ गया। खुद सामने आने की बजाय उन्होंने ऐसे अधिकारी को आगे किया जो रिटायर होने वाले हैं। कई जिलों से हमने चौंकाने वाला डाटा जुटाया है।

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Shivam

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Shivam is a multimedia journalist.

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