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कानपुर के बाद अब झांसी में ’कुर्सी संग्राम’, एक पद के लिए खड़े हुए दो दावेदार, कर्मचारी परेशान
Jhansi DCVO Dispute: मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय में दो अफसर एक कुर्सी के लिए ताल ठोंक रहे हैं। दोनों अपनी तैनाती को लेकर आमने-सामने आ गये हैं।
Jhansi DCVO Dispute
Jhansi DCVO Dispute: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बीच काफी दिनों तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा अभी शांत ही हुआ था कि अब ऐसा ही एक मामला झांसी जनपद से सामने आ गया है। यहां भी मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय में दो अफसर एक कुर्सी के लिए ताल ठोंक रहे हैं। दोनों अपनी तैनाती को लेकर आमने-सामने आ गये हैं। ऐसे में कर्मचारी भी दुविधा में पड़ गये हैं कि आखिर किसकी बात माने और किसकी नहीं।
कुर्सी के लिए दावेदारी कर रहे दो अधिकारी
झांसी के मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय में दो उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अपनी तैनाती के लिए दावेदारी करते हुए दिख आ रहे हैं। कार्यालय में एक टेबल के पास दो अधिकारियों की कुर्सियां लगी हुई हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश चंद्र शाक्य के मुताबिक शासन की ओर से उनकी तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश परही वह उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के पद का कार्यभार संभाल रहे हैं।
कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं पूर्व अधिकारी
वहीं 28 दिसंबर 2023 को डॉक्टर विनोद कुमार की तैनाती मऊरानीपुर के पशु चिकित्सालय में बतौर उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुई थी। लेकिन 24 अप्रैल 2025 को डॉ. विनोद कुमार के अनुरोध पर उनका स्थानांतरण बलिया कर दिया गया था। इसके बाद डॉ. रमेश चंद्र शाक्य की झांसी में नियुक्ति दी गयी। लेकिन विनोद कुमार अभी भी खुद को उसी कुर्सी का दावेदार बता रहे हैं। डॉ. रमेश चंद्र शाक्य ने कहा कि वह कुर्सी छोड़ने के लिए राजी ही नहीं हैं।
कोर्ट तक पहुंच गए पूर्व अधिकारी
डॉक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि पूर्व में तैनात डॉ. विनोद कुमार कुर्सी पर दावेदारी को लेकर न्यायालय तक पहुंच गए है। आलम यह है कि अब मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय में एक कुर्सी के लिए दो दावेदार आमने-सामने हो गये हैं जोकि चर्चा का विषय बन गया है। दोनों अधिकारियों की दावेदारी विभाग के कर्मचारियों के लिए भी मुसीबत बन गयी है। कर्मचारी विभागीय कार्यों को लेकर परेशान हो रहे हैं। कर्मचारी यह विचार कर रहे है कि अब किसी अफसर के आदेश का पालन किया जाए और किसका नहीं क्योंकि दोनों ही अफसर रोजाना कार्यालय पहुंच रहे हैं।


