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Sonbhadra News: हास्पीटल एवं सर्जिकल सेंटर का संचालन करने सगे भाई भेजे गए जेल, बगैर डिग्री-बगैर पंजीयन के ही संचालित कर रहे थे अस्पताल! सीएमओ को भेजी गई रिपोर्ट
Sonbhadra News: एसडीएम-सीओ के हस्तक्षेप पर पहुंची स्वास्थ्य महकमे की टीम ने पाया कि जहां अस्पताल का संचालन बगैर पंजीयन के हो रहा था, वहीं, यहां सर्जरी का भी काम धड़ल्ले से किया जा रहा था।
बगैर डिग्री-बगैर पंजीयन के हास्पीटल एवं सर्जिकल सेंटर का संचालन (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र । कोन कस्बे में पेट दर्द का उपचार कराने आए 13 वर्षीय बालक वेदांत पाठक की इंजेक्सन लगाते ही मौत के मामले में बगैर पंजीयन के अस्पताल संचालन का मामला सामने आया ही था। अब इसे संचालित कर रहे सगे भाइयों के पास, अस्पताल संचालन, आपॅरेशन, दवा-उपचार के लिए समुचित अर्हता/डिग्री थी कि नहीं, इसको लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस की तरफ से मामले में गिरफ्तार किए गए भाइयों का बीएनएस की धारा 105 के तहत न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया है। साथ ही, डिग्री, मेडिकल सर्टीफिमकेट को लेकर एक रिपोर्ट भी सीएमओ को भेज दी गई है। सीएमओ स्तर से, इस मामले में क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई है।
बताते चलें कि बुधवार को कोन थाना क्षेत्र निवासी वेदांत की मौत के बाद उसके परिजनों, ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। हालात इस कदर बेकाबू हो गए थे कि कोन कस्बे में सिर्फ कोन थाने की पुलिस ही नहीं, थाने से जुड़े सभी चौकियों और तीन अन्य थानों की पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी थी। एसडीएम विवेक सिंह और सीओ हर्ष पांडेय ने लोगों को मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।
अस्पताल संचालन से जुड़े दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी कराई, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुए। एसडीएम-सीओ के हस्तक्षेप पर पहुंची स्वास्थ्य महकमे की टीम ने पाया कि जहां अस्पताल का संचालन बगैर पंजीयन के हो रहा था, वहीं, यहां सर्जरी का भी काम धड़ल्ले से किया जा रहा था। मौके पर बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए दो महिलाएं भर्ती भी पाई गईं, जिन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया।
पिता ने अस्पताल संचालक सगे भाइयों के खिलाफ दी थी तहरीर:
मामले में मृतक वेदांत के पिता राजीव रंजन पाठक की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई थी। अवगत कराया था कि उनके पुत्र वेदांत की तबियत खराब होने पर भारत सर्जिकल हास्पिटल कोन में इलाज के लिए ले जाया गया था । वहां कार्य कर रहे कथित डा. शफायत अली और उसके भाई सलामत अली द्वारा सूई लगाकर दवा इलाज किया गया। इसके चलते उनके बेटे की तबियत बिगड़ गई और मौत हो गई। मामले में दी गई तहरीर पर कोन थाने में धारा 105 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया और आरोपियों से पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को उनका चालान कर दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक घटना के संबंध में भारत हास्पिटल सर्जिकल सेंटर के रजिस्ट्रेशन आश्ैर उसमें काम करने वाले डाक्टरों की डिग्री और मेडिकल सर्टिफिकेट की जानकारी के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की गई है। फिलहाल स्वास्थ्य महकमे की टीम की तरफ से द्वारा भारत हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेन्टर को सील कर दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तार करने वाली टीम में चौकी प्रभारी चकरिया शिवप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल शिवकुमार यादव, विनय यादव शामिल रहे।


