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Sonbhadra News: एनसीएल के खड़िया प्रोजेक्ट में खामियों का भंडाफोड़: अप्रशिक्षित हाथों में विस्फोटक, नियमों की खुलेआम अनदेखी
Sonbhadra News: खान सुरक्षा निदेशालय (डीजीएमएस) की हालिया जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें श्रमिकों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और विस्फोटकों की हैंडलिंग जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में नियमों की अवहेलना प्रमुख है।
एनसीएल के खड़िया प्रोजेक्ट में खामियों का भंडाफोड़: अप्रशिक्षित हाथों में विस्फोटक, नियमों की खुलेआम अनदेखी (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के खड़िया कोल प्रोजेक्ट में ओवरबर्डन हटाने का कार्य कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी केसीसीएल (कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की लापरवाह कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। खान सुरक्षा निदेशालय (डीजीएमएस) की हालिया जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें श्रमिकों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और विस्फोटकों की हैंडलिंग जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में नियमों की अवहेलना प्रमुख है।
बगैर प्रशिक्षण के श्रमिक और विस्फोटकों का संचालन
डीजीएमएस निरीक्षण में पाया गया कि कंपनी ने खदान क्षेत्र में बिना आवश्यक व्यावसायिक प्रशिक्षण के 91 श्रमिकों को तैनात कर दिया था। इनमें से 76 श्रमिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे, जबकि 15 को कोई प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसके अलावा, विस्फोटकों के संचालन के लिए तैनात कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था, जो खान व्यावसायिक प्रशिक्षण नियम 1966 के घोर उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जांच में यह भी पाया गया कि साइट पर सुपरवाइजरों के लिए ऊंचे चबूतरे वाले विश्राम स्थल उपलब्ध नहीं थे, जबकि यह सुविधा खान नियम 1955 और कोयला खान नियम 2017 के तहत अनिवार्य है। साथ ही, कैंप कार्यालय में श्रमिकों के लिए कैंटीन सुविधा का भी अभाव पाया गया।
शिकायत और कार्रवाई
इस पूरे मामले की शिकायत शक्तिनगर निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा की गई थी, जिसमें संविदा श्रमिकों से जोखिमभरा कार्य कराना, सुरक्षा उपकरण न देना, और बिना पुलिस सत्यापन के काम कराना जैसे आरोप शामिल थे। इसी के आधार पर खान सुरक्षा उपनिदेशक जीवन कुमार ने 16 जुलाई को निरीक्षण किया और 22 जुलाई को खड़िया प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर अनुपालन आख्या मांगी गई है।
कलिंगा कंपनी पर पुराने आरोप भी चर्चा में
यह पहली बार नहीं है जब कलिंगा कंपनी विवादों में आई है। पूर्व में भी स्थानीय लोगों की जगह बाहरी लोगों को रोजगार देने और नौकरी के नाम पर बिचौलियों के माध्यम से धन वसूली के आरोप लगते रहे हैं। अब ताजा निरीक्षण में सामने आई लापरवाहियां, एनसीएल प्रबंधन की सतर्कता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।


