Sonbhadra : यूपीएससी टॉपर जागृति अवस्थी ने सोनभद्र में साझा किए सफलता के मंत्र

Sonbhadra : सोनभद्र में ’यंग अचीवर्स टॉक’ में IAS जागृति अवस्थी ने कहा- अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और संतुलित दिनचर्या सफलता की कुंजी है।

Kaushlendra Pandey
Published on: 24 Aug 2025 5:49 PM IST
Sonbhadra : यूपीएससी टॉपर जागृति अवस्थी ने सोनभद्र में साझा किए सफलता के मंत्र
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सोनभद्र। वर्ष 2020 की यूपीएससी टॉपर (ऑल इंडिया रैंक-2) तथा सोनभद्र की सीडीओ जागृति अवस्थी (आईएएस) ने ’यंग अचीवर्स टॉक’ के जरिए नई पीढ़ी को, सफलता से जुड़े कई मंत्र सुझाए। कोन इंडिया की तरफ से स्वर्ण जयंती व्याख्यान श्रृंखला के तहत एनसीएल के खड़िया क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में आईएएस अवस्थी ने कहा कि किसी भी सूरत में शरीर की थकान सफलता के मार्ग में बाधक नहीं बन सकती। पढ़ाई के दौरान मानसिक तनाव हावी न होने पाए, इसके लिए पढ़ाई के साथ, शारिरिक और मानसिक दोनों की एनर्जी बनाए रखने के लिए, विश्राम और मनोरंजन भी जरूरी है।

आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि आत्मबल बनाए रखने के साथ अनुशासित तरीके से की जाने वाली पढ़ाई, सफलता की तरफ बढ़ने के लिए हर क्षण एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी लक्ष्य यानी सफलता की प्राप्ति के लिए समय प्रबंधन होना जरूरी है। यह तभी सुनिश्चित हो जाएगा, जब अनुशासित तरीके से आगे बढ़ा जाए। इस दौरान छात्रों की तरफ से सीडीओ से यूपीएससी की तैयारी, तनाव प्रबंधन और कैरियर के विकल्पों को लेकर कई सवाल पूछे, जिसका उन्होंने सरलता से उत्तर देते हुए, उनकी शंकाओं का समाधान किया। साथ ही सभी को एक शेड्यूल बनाकर, अनुशासिक तरीके के आगे की पढ़ाई जारी रखने की सीख दी। कहा कि इस बात का ध्यान रखें कि जिस तरह अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित खान-पान जरूरी है। उसी तरह लक्ष्य प्राप्ति यानी बेहतर तरीके से शिक्षा अर्जन-सफलता प्राप्ति के लिए भी एक संतुलित दिनचर्या का पालन किया जाना आवश्यक है।

जीवन जीने की कला है समय प्रबंधन :

इस दौरान खड़िया प्रोजेक्ट के जीएम केडी जैन, डीएवी खड़िया की प्राचार्य, संध्या पांडेय की तरफ से भी विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम में ढाई सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कहा गया कि समय प्रबंधन जीवन जीने की एक कला है जो पढ़ाई को बेहतर बनाने में मदद तो करती है, जीवन को अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाने में भी इसका अहम योगदान होता है। बताते चलें कि कोल इंडिया की तरफ से पूरे देश में स्वर्णजयंती व्याख्यान कार्यक्रमों का आयोजन कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सफलता का रोडमैप बनाना और उन्हें राष्ट्र के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना/संवारना है।

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