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UP News: लर्निंग DLमें गड़बड़ियों की होगी जांच ! सुधार के लिए NIC टीम सक्रिय, QR कोड से अब RTO में डिजिटल पेमेंट संभव, नगद की झंझट खत्म
UP News:वही ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में सेवाओं के भुगतान के लिए नगद लेनदेन की बाध्यता भी अब खत्म कर दी गई है। विभाग ने डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को QR कोड जारी किया है
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UP News: उत्तर प्रदेश में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की तकनीकी टीम ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सुधार कार्य शुरू कर दिया है। इस दौरान न केवल तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा, बल्कि सॉफ्टवेयर में आ रही 'सरवर डाउन' जैसी समस्याओं का भी स्थायी समाधान निकाला जाएगा। बताते चलें कि हाल ही में देवा रोड स्थित एआरटीओ कार्यालय में एक मामले में आवेदक की फोटो से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से वीडियो बनाकर फर्जी तरीके से लर्निंग लाइसेंस बनवाने की कोशिश की गई थी। वहीं फतेहपुर में एक आवेदक व उसके पिता का नाम लर्निंग लाइसेंस में गलत तरीके से फीड कर दिया गया था। इसी तरह मृत व्यक्तियों के नाम पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोडिंग में गड़बड़ियों के कई मामले भी सामने आ चुके हैं।
एनआईसी की टीम ने परिवहन अधिकारियों के साथ की बैठक
इन सब शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एवं NIC को कई पत्र भेजे थे। उसी के तहत नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर की टीम बीते दिनों ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ ऑफिस पहुंची और परिवहन अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान सॉफ्टवेयर में सेन्ड मेरी जैसी तकनीकी गड़बड़ियों को रोकने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि आवेदकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
QR कोड से अब RTO में डिजिटल पेमेंट संभव, नगद की झंझट खत्म
वही ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में सेवाओं के भुगतान के लिए नगद लेनदेन की बाध्यता भी अब खत्म कर दी गई है। विभाग ने डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को QR कोड जारी किया है, जिससे अब टैक्स और जुर्माने का भुगतान यूपीआई (UPI) के माध्यम से किया जा सकेगा।इस सुविधा से वाहन स्वामियों को आरटीओ में नगद पैसे लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और खुले पैसों की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि इससे सेवा प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।


