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Varanasi News: बाढ़ प्रभावितों को हर स्तर पर मिले राहत, जरूरतमंदों को न हो कोई असुविधा: प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना
Varanasi News: निरीक्षण के दौरान मंत्री सुरेश खन्ना ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर जरूरतमंद तक सहायता समयबद्ध ढंग से पहुंचे।
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना (photo: social media )
Varanasi News: उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने नमो घाट से नक्की घाट तक का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न राहत शिविरों में पहुंचकर पीड़ितों से सीधे संवाद स्थापित किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सुरेश खन्ना ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर जरूरतमंद तक सहायता समयबद्ध ढंग से पहुंचे। उन्होंने राहत शिविरों में स्वच्छता, भोजन, पीने के पानी, बिजली और चिकित्सा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
प्रभारी मंत्री ने श्रीराम पीजी कॉलेज और दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल, हुकुलगंज में स्थापित राहत शिविरों में रह रहे सैकड़ों पीड़ितों को मुख्यमंत्री राहत किट वितरित की। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दी, तो मासूमों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
एनडीआरएफ बनी लोगों की ‘देवदूत’
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी के निचले इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच एनडीआरएफ की टीमों ने संकट की इस घड़ी में 'देवदूत' की भूमिका निभाई है। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीमों ने 275 से अधिक लोगों को जलमग्न घरों की छतों से सुरक्षित निकाला।
धोबीघाट, नक्खीघाट, कोनिया, नगवा, शास्त्री ब्रिज जैसे इलाकों में बचाव अभियान अब भी जारी है। एनडीआरएफ की यह सेवा "आपदा सेवा सर्वत्र" के मूलमंत्र को साकार करती है।
ए.के. शर्मा ने दी निर्देश: किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए
वहीं, लखनऊ के संगम सभागार में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, विद्युत आपूर्ति बहाल करने, ड्रेनेज, फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी मुख्यालय छोड़कर न जाए, अन्यथा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे गोवंशों के लिए कान्हा गोशालाओं की व्यवस्था भी मजबूत की जाए, चारे-पानी की कमी न हो और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।


