अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर अब्दुल अल-सईद का भारत से है गहरा नाता, जानिए कौन हैं पत्नि सारा जुकाकू?

अब्दुल अल-सईद ने मिशिगन से सीनेट चुनाव जीतकर अमेरिकी राजनीति में इतिहास रच दिया है। उन्हें अमेरिका का पहला मुस्लिम सीनेटर बताया जा रहा है।

Sachin Singh
Published on: 4 Nov 2026 5:29 PM IST (Updated on: 4 Nov 2026 5:29 PM IST)
अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर अब्दुल अल-सईद का भारत से है गहरा नाता, जानिए कौन हैं पत्नि सारा जुकाकू?
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Abdul El-Sayed India Connection: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अल-सईद ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने मिशिगन से सीनेट का चुनाव जीतकर अमेरिकी सीनेट पहुंचने वाले पहले मुस्लिम शख्स बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस जीत ने जहां अमेरिकी राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है, वहीं भारत के कर्नाटक का एक छोटा सा कस्बा भी सुर्खियों में आ गया है। इसकी वजह है अब्दुल अल-सईद की पत्नी डॉ. सारा जुकाकू, जिनका पारिवारिक रिश्ता कर्नाटक के भटकल से जुड़ा हुआ है।

अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर यह जीत हासिल की। डेट्रॉयट में अपने चुनावी मुख्यालय पर समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मिशिगन, हमने कर दिखाया!' उन्होंने खुद को मिशिगन का निर्वाचित सीनेटर बताते हुए खुशी और सम्मान जताया।

कर्नाटक के भटकल से जुड़ी है सारा जुकाकू की जड़ें

अब्दुल अल-सईद की जीत के बाद कर्नाटक के बागलकोट जिले के लोगों में भी खुशी का माहौल है। दरअसल, उनकी पत्नी डॉ. सारा जुकाकू का परिवार भटकल से ताल्लुक रखता है। यह कस्बा मंगलुरु से करीब 140 किलोमीटर दूर है।

सारा के पिता जुकाकू तैयब पेशे से किडनी रोग विशेषज्ञ यानी नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका का रुख किया था। वहीं, सारा के दादा जुकाकू शम्सुद्दीन एक जाने-माने वकील और शिक्षाविद थे। उन्होंने बीडी जत्ती की सरकार में वित्त विभाग के डिप्टी मिनिस्टर के तौर पर भी काम किया था। बीडी जत्ती उस समय जामखंडी रियासत के मुख्यमंत्री थे, जो आज के कर्नाटक के बागलकोट जिले का हिस्सा है।

इस तरह सारा का पारिवारिक इतिहास कर्नाटक से जुड़ा हुआ है और अब उनके पति की अमेरिकी सीनेट में ऐतिहासिक जीत के बाद भटकल और बागलकोट का नाम भी चर्चा में है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में हुई थी मुलाकात

डॉ. सारा जुकाकू का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के मिशिगन में ही हुआ। उनकी मुलाकात अब्दुल अल-सईद से यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में पढ़ाई के दौरान हुई थी। USA Today की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की नजदीकियां इसी दौरान बढ़ीं।

'द मिशिगन डेली' में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, अब्दुल अल-सईद के कॉलेज के पहले साल में ही दोनों की सगाई हो गई थी। इसके बाद साल 2006 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। इस साल हुए मिडटर्म चुनाव में सारा ने अपने पति के प्रचार अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

एक चुनावी रैली के दौरान सारा ने अपने रिश्ते को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा था, 'उसे कोई निर्देश नहीं देता, सिर्फ मैं देती हूं।' उनके इस बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा था।

कौन हैं डॉ. सारा जुकाकू?

डॉ. सारा जुकाकू पेशे से मनोचिकित्सक यानी साइकेट्रिस्ट हैं। उन्होंने साल 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स से मेडिकल की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाया।

सारा ने अपने पति के चुनाव प्रचार में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भारतीय होने के कारण अब्दुल अल-सईद का भारत से भी खास जुड़ाव माना जा रहा है।

अब्दुल अल-सईद खुद को बताते हैं भारतीय संस्कृति के करीब

अब्दुल अल-सईद ने कई मौकों पर दक्षिण भारतीय परिवार में शादी करने के बाद वहां की संस्कृति से अपनी नजदीकी का जिक्र किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि दक्षिण भारतीय परिवार में शादी के 20 साल बाद वह वहां की संस्कृति में पूरी तरह घुल-मिल चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि शायद अब वह अरब से ज्यादा भारतीय हो गए हैं।

एक अन्य बातचीत में उन्होंने कहा था कि वह 'देसी महिलाओं से घिरे हुए हैं' और उनकी पत्नी के साथ उनकी दोनों बेटियां भी देसी हैं। अब्दुल और सारा की दो बेटियां हैं, जिनके नाम एमली और सरीन हैं।

भटकल और बागलकोट में भी खुशी का माहौल

अब्दुल अल-सईद की जीत की खबर सामने आने के बाद कर्नाटक के बागलकोट इलाके के लोगों ने भी उन्हें बधाई दी। स्थानीय लोगों ने इसे अपने क्षेत्र और जुकाकू परिवार के लिए गर्व का पल बताया।

अमेरिकी राजनीति में अब्दुल अल-सईद की यह जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है। वहीं, उनकी पत्नी सारा जुकाकू के परिवार की भारतीय जड़ें इस जीत को कर्नाटक के भटकल और बागलकोट से भी जोड़ती हैं। यही वजह है कि अमेरिका में हुए इस चुनाव का नतीजा भारत के एक छोटे से कस्बे तक चर्चा का विषय बन गया है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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