Iran नहीं... दुनिया का ये 'ताकतवर' मुस्लिम देश बना तेल का पावरहाउस! भारत को भी बड़ा फायदा, US को झटका

Afghanistan oil production: देश के उत्तरी जौजजान प्रांत में स्थित अमू दरिया तेल बेसिन से तेल उत्पादन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि आगामी वक़्त में अफगानिस्तान क्षेत्रीय तेल सप्लाई का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 29 April 2026 2:27 PM IST (Updated on: 29 April 2026 2:27 PM IST)
Afghanistan oil production
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Afghanistan oil production (PHOTO: SOCIAL MEDIA)

Afghanistan oil production: पूरा विश्व इस वक़्त जहां एक तरफ ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बार-बार खड़े हो रहे तनाव से गंभीर चिंता में है, तो वहीं दूसरी ओर एक नई और बेहद चौंका देने वाली खबर सामने आई है। लंबे वक़्त से युद्ध और अस्थिरता का सामना कर रहा अफगानिस्तान अब ऊर्जा सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है।

इस जगह पर शुरू हुआ तेल उत्पादन

देश के उत्तरी जौजजान प्रांत में स्थित अमू दरिया तेल बेसिन से तेल उत्पादन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट रूप से संकेत मिल रहे हैं कि आगामी वक़्त में अफगानिस्तान क्षेत्रीय तेल सप्लाई का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। माइंस और पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, जमराड साई इलाके में 5 कुओं से फिलहाल लगभग 500 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन तेल निकाला जा रहा है। शुरुआती स्तर पर यह उत्पादन भले सीमित हो, लेकिन इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

क्या कहता है सर्वे ?

बीते 6 महीनों में इस क्षेत्र में लगभग 400 किलोमीटर का सीस्मिक सर्वे किया गया है। आरंभिक रिपोर्ट्स में यहां बड़े पैमाने पर तेल और गैस के भंडार मिलने की संभावना जताई गई है। यदि उत्पादन में लगातार वृद्धि होती है और निर्यात शुरू हो जाता है, तो अफगानिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को मजबूत बड़ा सहारा मिल सकता है।

भारत के लिए यह विकास बेहद महत्वपूर्ण

भारत के लिए भी यह विकास बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले से ही मजबूत व्यापारिक रिश्ते हैं, जिनका वार्षिक मूल्य 1 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत जहां दवाइयां, मशीनरी, सोयाबीन मील और सिंथेटिक फैब्रिक निर्यात करता है, वहीं अफगानिस्तान से सूखे मेवे, केसर और फल आयात किए जाते हैं।

इस व्यापार को बढ़ाने में ईरान का चाबहार पोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो पाकिस्तान को बायपास करते हुए दोनों देशों को जोड़ने का काम करता है। इसके अलावा एयर कॉरिडोर भी व्यापार को गति देने में मददगार रहे हैं।

क्या है विशेषज्ञों राय ?

इसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अफगानिस्तान भविष्य में तेल निर्यातक देश के रूप में उभरता है, तो भारत को सस्ते और तेज सप्लाई का विकल्प मिल सकता है। विशेषकर ऐसे वक़्त में जब होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों पर भू-राजनीतिक खतरा तेजी से बढ़ा रहा है, यह विकास भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen

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