TRENDING TAGS :
अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर किए हवाई हमले! खाड़ी में जंग का खतरा मंडराया
अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर बड़ा सैन्य हमला किया और ईरानी तेल बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगाए हैं। जवाब में ईरान ने 'कुचल देने वाली प्रतिक्रिया' की चेतावनी दी।
US-Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री पर दोबारा प्रतिबंध (सैंक्शन्स) भी लागू कर दिए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया है।
ईरान की चेतावनी- "करारा जवाब देंगे"
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि वह अमेरिका को "कुचल देने वाला जवाब" देगा। ईरानी अधिकारियों के इस बयान के कुछ ही समय बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। बहरीन और कुवैत दोनों देशों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर पहुंच गईं।
कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले का अलर्ट
कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम "शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन खतरों" का जवाब दे रहे हैं। सेना ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इंटरसेप्टर मिसाइलों के कारण कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दे सकती हैं। गौरतलब है कि ईरान पहले भी कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों—अली अल सलेम एयर बेस, कैंप अरिफजान और कैंप ब्यूहरिंग-को निशाना बना चुका है।
बहरीन में भी बज उठे सायरन
बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी देशभर में सायरन बजने की पुष्टि की और लोगों से शांत रहने तथा नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। बहरीन अमेरिका की नौसेना के फिफ्थ फ्लीट (Fifth Fleet) का मुख्यालय है, जो फारस की खाड़ी, लाल सागर और अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक अभियानों की जिम्मेदारी संभालता है। यही वजह है कि बहरीन को ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई का प्रमुख लक्ष्य माना जा रहा है।
ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर धमाके
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों के दौरान देश के कई महत्वपूर्ण इलाकों में विस्फोट हुए। इनमें ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island), बंदर अब्बास, सिरिक और क़ेश्म द्वीप शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र ईरान की ऊर्जा और समुद्री आपूर्ति व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
NATO शिखर सम्मेलन में भी छाया संकट
उधर, तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन में भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत NATO देशों के नेता खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और ईरान-अमेरिका टकराव पर चर्चा कर सकते हैं।
खाड़ी में बढ़ी वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों या खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सहयोगी देशों पर व्यापक जवाबी हमला करता है, तो पूरा मध्य पूर्व एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। ऐसे में वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।


