Thailand के बार में मौत का तांडव! भीषण आग में 27 जिंदा जले, चीखों से दहल उठा बैंकॉक

Bangkok Bar Fire: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के चाटुचक इलाके में एक बार में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक आग तेजी से फैली और कई लोग धुएं में फंस गए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 13 July 2026 9:06 AM IST
Bangkok Bar Fire
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Image Source- Social Media

Bangkok Bar Fire: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लोकप्रिय चाटुचक (Chatuchak) जिले में स्थित एक बार (Bar) में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा 60 से ज्यादा लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल (Anutin Charnvirakul) ने भी इस हादसे की पुष्टि की है।

देखते ही देखते पूरे बार में फैल गई आग

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार देर रात आधी रात के कुछ देर बाद दमकल कर्मियों (Firefighters) को घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बार के मुख्य दरवाजे से लोग आग की लपटों के बीच जान बचाकर भाग रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बार के स्टेज (Stage) के पास शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में तेजी से पूरे परिसर में फैल गई। आग लगने के साथ ही बिजली भी चली गई और पूरा हॉल धुएं से भर गया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सामने आए वीडियो में बार से तेज लपटें निकलती दिखाई दे रही हैं। कई लोग चीखते हुए बाहर भागते नजर आए, जबकि कुछ लोग भागते समय गिर भी गए।

प्रधानमंत्री ने बताई चश्मदीद की पूरी कहानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने बताया कि उन्होंने उस संगीतकार (Musician) से बात की, जो आग लगने के समय बार में प्रस्तुति दे रहा था। संगीतकार ने बताया कि आग सबसे पहले कट-आउट स्विच (Cut-out Switch) के पास लगी। इसके बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि तेज धमाके होने लगे और हर कोई धुएं और आग से बचने के लिए भागने लगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कई लोग बाहर निकलने के बजाय इमारत के पिछले हिस्से की ओर भागे और धुएं व आग से बचने के लिए टॉयलेट (Toilet) में छिप गए। बाद में सबसे ज्यादा शव वहीं से बरामद किए गए।

आधे घंटे में आग पर पाया गया काबू

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हालांकि तब तक नौ पुरुषों और 18 महिलाओं समेत कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी थी। आठ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 60 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

बैंकॉक आपदा विभाग (Bangkok Disaster Department) के निदेशक सुरियाचाई रविवान (Suriyachai Raviwan) ने बताया कि शुरुआती जांच में अधिकांश लोगों की मौत धुआं अंदर जाने यानी स्मोक इनहेलेशन (Smoke Inhalation) की वजह से होने की आशंका है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

राहगीर ने तोड़ी खिड़कियां

रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान एक राहगीर ने रात करीब 11:30 बजे बार में आग लगी देखी। उसने अपनी कार रोककर खिड़कियां तोड़ीं और दो लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

वहीं मोटरसाइकिल सवार सुरिन जाईहार्न (Surin Jaiharn) ने समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) को बताया कि उन्होंने करीब पांच लोगों को बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने अपने कपड़ों से लोगों के शरीर पर लगी आग बुझाई। उन्होंने कहा कि इतने लोगों की मौत देखकर वह बेहद दुखी हैं और जिन्हें उन्होंने बचाया, उनका क्या हुआ यह भी उन्हें नहीं पता।

भयावह था अंदर का मंजर

वहीं सोमवार सुबह तक रोंग बीयर ना लात फ्राओ (Rong Beer Na Lat Phrao) बार को पूरी तरह घेर लिया गया था। बार के बाहर टूटी हुई खिड़कियां और क्षतिग्रस्त फर्नीचर रखा हुआ था, जबकि आसपास जली हुई चीजों की तेज गंध फैली हुई थी।

आग बुझने के बाद सामने आई तस्वीरों में बार के बाहर कई शव बैग (Body Bags) कतार में रखे दिखाई दिए। अंदर का पूरा हिस्सा बुरी तरह जल चुका था। फर्नीचर, दीवारें और छत पूरी तरह काली पड़ गई थीं और छत के कई हिस्से उखड़ चुके थे।

ज्वलनशील सजावट और जहरीले धुएं पर भी उठे सवाल

बैंकॉक (Bangkok) के गवर्नर चटचार्ट सित्तिपुंत (Chatchart Sittipunt) ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि बार की छत पर लगी ज्वलनशील सजावट (Flammable Decorations) की वजह से आग बहुत तेजी से फैली। उनका कहना है कि इन्हीं सजावटी सामानों से निकले जहरीले धुएं (Toxic Smoke) के कारण कई लोग बेहोश हो गए होंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) के पास कई लोग बेहोश मिले। संभावना है कि वहां मेज या अन्य सामान रखे होने की वजह से बाहर निकलने में परेशानी हुई हो। हालांकि उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की पुष्टि फॉरेंसिक (Forensic) जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे बड़े हादसे

रिपोर्ट के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब थाईलैंड में इस तरह का दर्दनाक हादसा हुआ हो। चार साल पहले बैंकॉक के दक्षिण में स्थित एक कस्बे के बार में लगी आग में 22 लोगों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2009 में राजधानी बैंकॉक के एक नाइटक्लब (Nightclub) में लगी आग में 66 लोगों की जान चली गई थी।

इन घटनाओं के बाद सरकार ने अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और विद्युत सुरक्षा (Electrical Safety) के मानकों को मजबूत करने का वादा किया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार थाईलैंड में इन नियमों का पालन अब भी प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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