‘दिल्ली ना ढाका’ के नारों से गूंजा बांग्लादेश, भारत के खिलाफ किसने खोला मोर्चा?

Bangladesh Anti India Protest: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में NCP की रैली के दौरान ‘दिल्ली ना ढाका’ के नारे लगे। नाहिद इस्लाम ने भारत पर आरोप लगाए और गंगा जल संधि को लेकर चेतावनी दी।

Shalni Kumari
Published on: 31 Oct 2026 3:21 PM IST (Updated on: 31 Oct 2026 3:22 PM IST)
Bangladesh Anti India Protest
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Bangladesh Anti India Protest  

Bangladesh Anti India Protest: बांग्लादेश में महंगाई, बिजली संकट और ईंधन की कमी से जनता परेशान है। इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं। इसी बीच राजधानी ढाका में आयोजित एक बड़ी रैली में भारत विरोधी नारे भी लगाए गए। नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) की इस रैली में गृह और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। साथ ही भारत को लेकर भी कई बयान दिए गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एनसीपी के नेता 'दिल्ली ना ढाका' का नारा लगाते नजर आ रहे हैं। इसके जवाब में रैली में मौजूद भीड़ ने 'ढाका, ढाका' के नारे लगाए।

यह रैली ढाका स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने आयोजित की गई थी। इसका नेतृत्व एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने किया। इसमें एनसीपी के सांसद हसनात अब्दुल्ला भी शामिल हुए। हसनात अब्दुल्ला पहले भी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग करने की धमकी से जुड़े बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।

नाहिद इस्लाम ने भारत पर लगाए कई आरोप

रैली को संबोधित करते हुए नाहिद इस्लाम ने मौजूदा सरकार पर बांग्लादेश के हितों की रक्षा नहीं कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बांग्लादेश को भारत की कथित साजिशों से बचाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने भारत पर सीमा पर हत्याओं, असम और पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के उत्पीड़न और दिल्ली में मस्जिदों को गिराने की योजना जैसे आरोप भी लगाए। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई तथ्य या सबूत पेश नहीं किया।

गौरतलब है कि नाहिद इस्लाम वर्ष 2024 में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। अब उनकी अगुवाई में हुई इस रैली में भारत विरोधी बयानबाजी ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर फिर चर्चा तेज कर दी है।

गंगा जल संधि पर नाहिद इस्लाम ने दी चेतावनी

रैली में भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारा संधि (Ganga Water Treaty) का मुद्दा भी उठाया गया। नाहिद इस्लाम ने कहा कि अगर संधि का निष्पक्ष तरीके से नवीनीकरण नहीं हुआ तो बांग्लादेश के लोग सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक इंच भी समझौता नहीं किया जाएगा।

भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1996 में 30 साल के लिए गंगा जल संधि हुई थी। यह संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। इसके तहत पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर जनवरी से मई के बीच गंगा के पानी का बंटवारा किया जाता है। बांग्लादेश में गंगा को पद्मा नदी के नाम से जाना जाता है। वहां की बड़ी आबादी की आजीविका इस नदी पर निर्भर है। ऐसे में इस संधि का नवीनीकरण बांग्लादेश के लिए अहम माना जा रहा है।

शेख हसीना के जाने के बाद बढ़ी थीं भारत विरोधी गतिविधियां

अगस्त 2024 में शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाएं तेज हुई थीं। उस समय मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी। इसके दौरान भारत के खिलाफ कई बयान और गतिविधियां सामने आई थीं।

फरवरी 2026 में तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने के बाद भारत विरोधी बयानों में कुछ कमी देखी गई थी। हालांकि, अब देश में महंगाई, बिजली संकट और ईंधन की कमी को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। ऐसे में एनसीपी की रैली में भारत विरोधी नारे और बयान फिर सामने आए हैं। इससे बांग्लादेश की घरेलू राजनीति के साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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