'छोटी सी कोठरी में बंद इमरान खान...', सपोर्ट में आए ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन

इमरान खान की जेल स्थिति पर ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने ब्रिटेन से पाकिस्तान पर प्रभाव डालकर इमरान की रिहाई में मदद की अपील की।

Alakha Singh
Published on: 19 Sept 2026 7:27 PM IST
छोटी सी कोठरी में बंद इमरान खान..., सपोर्ट में आए ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन
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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने गंभीर सवाल उठाए हैं। जॉनसन ने ब्रिटिश अखबार Daily Mail में लिखे एक लेख में इमरान खान की जेल की परिस्थितियों, उनके स्वास्थ्य और उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ब्रिटेन सरकार से पाकिस्तान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इमरान खान की रिहाई के लिए दबाव बनाने की अपील की है।

जॉनसन ने अपने लेख में दावा किया कि 73 वर्षीय इमरान खान को पाकिस्तान की जेल में बेहद छोटी कोठरी में रखा गया है। उनके मुताबिक, सेल करीब 6x8 फीट का है और इसमें लैट्रिन भी शामिल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कोठरी में खिड़की नहीं है और इमरान को लंबे समय तक अकेले रखा जाता है। पढ़ने की सामग्री और व्यायाम जैसी सुविधाएं भी सीमित होने का दावा जॉनसन ने किया है।

इमरान की सेहत को लेकर भी चिंता

बोरिस जॉनसन ने इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति का भी जिक्र किया। उनके लेख के मुताबिक, जेल में पर्याप्त और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। जॉनसन ने पाकिस्तान की जेल में उनके साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ चल रहे मामले की अपील की सुनवाई तेजी से और स्वतंत्र अदालत में होनी चाहिए।


हालिया रिपोर्टों में भी इमरान खान के परिवार ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और कथित एकांत कारावास को लेकर चिंता जताई है। पाकिस्तान सरकार हालांकि हिरासत में पर्याप्त सुविधाएं और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध होने की बात कहती रही है।

'मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित'

जॉनसन ने इमरान खान के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई का एक बड़ा कारण भ्रष्टाचार के बजाय पाकिस्तान की राजनीति और सेना के साथ उनका टकराव है। जॉनसन के अनुसार, इमरान खान राजनीतिक फैसलों में सैन्य प्रभाव का विरोध करते रहे और इसी वजह से उन्हें राजनीतिक रूप से हाशिये पर रखने की कोशिश की गई।

हालांकि, ये जॉनसन के आरोप और राजनीतिक आकलन हैं। पाकिस्तान की सरकार और अधिकारियों का पक्ष इससे अलग रहा है और इमरान खान को विभिन्न मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा है।

'सेना को डर है कि जेल से बाहर आते ही लौटेंगे सत्ता में'

बोरिस जॉनसन ने पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, सैन्य नेतृत्व को आशंका है कि यदि इमरान खान जेल से बाहर आते हैं तो उनकी लोकप्रियता उन्हें दोबारा चुनावी राजनीति के केंद्र में ला सकती है। इसी वजह से जॉनसन ने ब्रिटेन से पाकिस्तान के साथ अपने पुराने संबंधों और प्रभाव का इस्तेमाल करने की अपील की।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अपील की प्रक्रिया पूरी होने तक इमरान खान को जेल के बजाय हाउस अरेस्ट में रखने का विकल्प देखा जा सकता है।

इमरान को पसंद करते हैं जॉनसन, लेकिन इन मुद्दों पर असहमति

बोरिस जॉनसन ने अपने लेख में साफ किया कि वह इमरान खान को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उन्हें पसंद करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों हर मुद्दे पर एक राय नहीं रखते।

जॉनसन ने रूस-यूक्रेन युद्ध, तालिबान और अमेरिका को लेकर इमरान खान के रुख से अपनी असहमति का जिक्र किया। इसके बावजूद उनका कहना है कि इन राजनीतिक मतभेदों के आधार पर इमरान खान के साथ जेल में ऐसा व्यवहार उचित नहीं ठहराया जा सकता।

ब्रिटेन से की सीधी अपील

जॉनसन ने ब्रिटेन और पाकिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि ब्रिटेन को अब अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने इमरान खान के ब्रिटेन से पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया। इमरान ने ब्रिटेन में शिक्षा हासिल की थी और अपने क्रिकेट करियर का एक बड़ा हिस्सा भी वहीं बिताया था।

जॉनसन का कहना है कि ब्रिटेन को इमरान खान की रिहाई के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने अपने लेख के अंत में पाकिस्तान से इमरान खान को जेल से बाहर निकालने की सीधी अपील की।

इस बीच इमरान खान के बेटे भी लगातार अपने पिता की हिरासत और स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जता रहे हैं। ऐसे में बोरिस जॉनसन का यह हस्तक्षेप इमरान खान की जेल स्थिति को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय बहस को फिर से चर्चा में ले आया है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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