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ब्राजील में पलटा चुनावी समीकरण...ट्रंप को लग सकती है मिर्ची! बोल्सोनारो के बेटे को हराकर लूला की जीत
Brazil Election: ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव में लूला दा सिल्वा ने दक्षिणपंथी फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर जीत दर्ज की। पहले दौर में आगे रहने के बाद भी बोल्सोनारो के बेटे को दूसरे दौर में हार मिली।
Image Source- Social Media
Brazil Election: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को हरा दिया है। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के बाद रविवार को दूसरे दौर का मतदान कराया गया था। इस मुकाबले में लूला दा सिल्वा ने 51.78 फीसदी वोट हासिल किए, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.22 फीसदी वोट मिले। इस तरह लूला ने करीब दो फीसदी के अंतर से चुनाव अपने नाम कर लिया।
पहली बार ऐसा हुआ चुनावी उलटफेर
इस चुनाव को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि ब्राजील के चुनावी इतिहास (Election History) में पहली बार ऐसा हुआ है जब पहले दौर में पीछे रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में बढ़त बनाकर राष्ट्रपति चुनाव जीत गया। चार अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो सबसे आगे रहे थे। इसके बाद दूसरे दौर में लूला के सामने बड़ी चुनौती मानी जा रही थी।
फ्लावियो बोल्सोनारो 45 साल के हैं और वह ब्राजील के पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। पहले दौर में उनके आगे रहने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी बढ़त को ‘बहुत बड़ी’ जीत बताया था। हालांकि दूसरे दौर में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और लूला दा सिल्वा ने बाजी मार ली।
चौथे कार्यकाल के लिए लूला की वापसी
80 साल के लूला दा सिल्वा ने चौथे कार्यकाल (Fourth Term) के लिए चुनाव जीत लिया है। पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद उन्होंने दूसरे दौर में अपनी स्थिति मजबूत की और 51.78 फीसदी वोट हासिल कर लिए। वहीं फ्लावियो बोल्सोनारो 48.22 फीसदी वोट तक ही पहुंच सके।
लूला की इस जीत के साथ ब्राजील की राजनीति (Brazil Politics) में एक बड़ा चुनावी उलटफेर देखने को मिला है। पहले दौर के नतीजों के बाद जहां बोल्सोनारो की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी, वहीं दूसरे दौर में लूला ने करीब दो फीसदी वोटों के अंतर से जीत हासिल कर ली।
पिता को रिहा कराने का किया था वादा
फ्लावियो बोल्सोनारो के चुनाव प्रचार में उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो का मुद्दा भी प्रमुख रहा। जायर बोल्सोनारो 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश (Coup Plot) रचने के मामले में 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।
फिलहाल खराब स्वास्थ्य के कारण जायर बोल्सोनारो घर में नजरबंदी (House Arrest) के तहत अपनी सजा काट रहे हैं। फ्लावियो बोल्सोनारो ने चुनाव जीतने की स्थिति में अपने पिता को रिहा कराने का वादा किया था। हालांकि अब चुनाव हारने के बाद उनके लिए पिता की रिहाई का रास्ता मुश्किल हो सकता है।
लूला के समर्थकों ने बढ़ाया था प्रचार
पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो के आगे रहने के बाद लूला दा सिल्वा के समर्थकों ने उनके पक्ष में बड़े स्तर पर रैलियां और जनसभाएं की थीं। इनका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना था। इस महीने की शुरुआत में करीब 3.3 करोड़ लोगों ने मतदान नहीं किया था।
ऐसे में लूला के समर्थकों ने दूसरे दौर से पहले मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया। चुनाव के अंतिम चरण में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार प्रचार किया गया और मुकाबला बेहद करीबी रहा।
कोपाकबाना में लूला ने क्या कहा था
दूसरे दौर के मतदान से ठीक पहले लूला दा सिल्वा ने शनिवार को रियो डी जेनेरियो के कोपाकबाना समुद्र तट (Copacabana Beach) पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने चुनाव को देश की ‘संप्रभुता’ से जोड़ते हुए मतदाताओं के सामने दो अलग-अलग राजनीतिक रास्तों की तस्वीर पेश की थी।
लूला ने कहा था कि मतदाताओं को उस व्यक्ति के बीच चुनाव करना है, जिसने ब्राजील के झंडे को चूमा और उस व्यक्ति के बीच, जिसने अमेरिकी झंडे को चूमा। उनके इस बयान को चुनाव में अमेरिका की भूमिका को लेकर उनके रुख से जोड़कर देखा गया।
अमेरिका पर लगाया था चुनाव में दखल का आरोप
लूला प्रशासन ने अमेरिका (United States) पर ब्राजील के चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप भी लगाया था। हालांकि वाशिंगटन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिका और ब्राजील के संबंध भी एक अहम मुद्दा बने रहे।
लूला ने चुनाव से पहले कहा था कि उनकी जीत एक साधारण कारण से होगी। उन्होंने कहा था कि लोग बदलाव चाहते हैं, लेकिन वे आगे बढ़ना चाहते हैं और पीछे नहीं लौटना चाहते। अब चुनाव परिणाम में लूला की जीत के बाद ब्राजील की सत्ता में उनकी वापसी तय हो गई है, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को मिली हार के साथ उनके पिता जायर बोल्सोनारो की रिहाई का मुद्दा भी फिलहाल अटकता दिखाई दे रहा है।


