चीन-पाकिस्तान-अफगानिस्तान में एक साथ कांपी धरती! तिब्बत में 7 की तीव्रता वाले भूकंप से मचा हड़कंप

China Pakistan Afghanistan Earthquake: चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप से 16 लोगों की मौत और 54 लोग घायल हुए हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 23 Oct 2026 7:50 AM IST
China Pakistan Afghanistan Earthquake
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China Pakistan Afghanistan Earthquake: चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, तीनों देशों में आए भूकंप की तीव्रता 4.1 से 4.9 के बीच रही। इन भूकंपों के केंद्र अलग-अलग स्थानों पर रहे और उनकी गहराई भी अलग दर्ज की गई।

चीन में 4.4 तीव्रता का भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, चीन में शुक्रवार सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 32.542 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.835 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। इसकी गहराई जमीन के अंदर 15 किलोमीटर रही।

पाकिस्तान में सबसे तेज झटका

पाकिस्तान में शुक्रवार सुबह 4 बजकर 56 मिनट पर 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। तीनों देशों में आए भूकंपों में पाकिस्तान में आया झटका सबसे ज्यादा तीव्रता वाला रहा। एनसीएस (NCS) के अनुसार, इसका केंद्र 28.919 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 64.678 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई।

अफगानिस्तान में भी कांपी धरती

अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस के मुताबिक, इसका केंद्र 35.138 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.442 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इस भूकंप की गहराई 25 किलोमीटर दर्ज की गई।

तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही

इन तीन देशों में भूकंप के झटकों के बीच इससे एक दिन पहले तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। गुरुवार शाम आए इस भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं।

भूकंप से उत्तरी क्षेत्र के नागकू शहर में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। यहां सैकड़ों घर ढह गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 339 घर और 20 पशु शेड भी भूकंप की वजह से ढह गए हैं। प्रभावित इलाके में राहत और बचाव अभियान (Rescue Operation) अभी जारी है।

1,600 से ज्यादा लोग राहत-बचाव में जुटे

नागकू मीडिया कार्यालय के मुताबिक, स्थानीय काउंटी के 1,600 से ज्यादा लोगों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। भूकंप प्रभावित इलाकों में लोगों को जरूरी सामान और अस्थायी रहने की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

प्रभावित क्षेत्र में 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड घर, करीब 3,000 टेंट और फोल्डिंग बेड पहुंचाए गए हैं। इसके अलावा राहत टीमों की जरूरत को देखते हुए टॉर्च और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले कपड़े भी भेजे गए हैं।

संचार व्यवस्था प्रभावित, ट्रेनें भी रोकी गईं

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua) के मुताबिक, भूकंप प्रभावित क्षेत्र के कुछ हिस्सों में संचार व्यवस्था भी ठप हो गई है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर इस इलाके से गुजरने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए आपात कदम उठाए हैं।

भूकंप के बाद चट्टानें खिसकने से नेशनल हाईवे 317 का एक हिस्सा भी बंद हो गया है। शिन्हुआ के मुताबिक, फिलहाल इस रास्ते पर सिर्फ आपातकालीन वाहनों, राहत और बचाव दलों तथा सरकारी सहायता लेकर जाने वाले वाहनों को ही जाने की अनुमति है। सड़क पर गिरे मलबे को हटाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।

अगले तीन दिन बर्फबारी की आशंका

भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान के सामने मौसम की चुनौती भी खड़ी हो सकती है। शिन्हुआ के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर बर्फबारी (Snowfall) होने की संभावना है। ऐसे में बचाव अभियान में जुटी टीमों और प्रभावित लोगों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी (CCTV) के मुताबिक, यह पिछले पांच साल में इस क्षेत्र में आया सबसे बड़ा भूकंप है। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश जारी है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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