शी जिनपिंग से बगावत! 10 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं पर एक्शन, 'भ्रष्टाचार' की आड़ में दबाई जा रही आवाज

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक साल में 10 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।

Sachin Singh
Published on: 27 Oct 2026 3:14 PM IST
शी जिनपिंग से बगावत! 10 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं पर एक्शन, भ्रष्टाचार की आड़ में दबाई जा रही आवाज
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Xi Jinping: चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में अपने ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक साल के दौरान 10 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। पार्टी के मुखपत्र 'पीपुल्स डेली' के अनुसार, इस दौरान 80 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जबकि 29 हजार से ज्यादा लोगों ने खुद सामने आकर सरेंडर किया।

हालांकि, कार्यकर्ताओं पर आरोप तो भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता का लगा है, लेकिन संभव है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ इनकी गतिविधियां और बगावत भी इसका कारण हो सकता है। जिनपिंग हमेशा अपने तानाशाही फैसलों के लिए जाने जाते हैं। कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जाता है कि उनका मानना है कि सांप को पालने से बेहतर मार देना। ऐसे में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता आवाज दबाने का महज एक हथियार माना जा रहा है।

करीब 9.83 लाख कार्यकर्ताओं को सुनाई गई सजा

‘पीपुल्स डेली चाइना’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल के दौरान करीब 9 लाख 83 हजार कार्यकर्ताओं को सजा सुनाई गई है। बाकी लोगों के खिलाफ मुकदमों की प्रक्रिया जारी है। चीन की सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद पार्टी के भीतर अनुशासन मजबूत करना और सेल्फ गवर्नेंस यानी आंतरिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

पांच साल में केंद्रीय समिति के 35 सदस्य हटाए गए

चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई केवल निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों पर भी कार्रवाई हुई है। साल 2022 में केंद्रीय समिति में 200 सदस्य थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 165 रह गई है। यानी 35 सदस्यों को पद से हटाया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। चीन की सेना के उपाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोपों में कार्रवाई हो चुकी है।

इसके अलावा, साल 2025 में कम्युनिस्ट पार्टी के संगठन विभाग के सीधे प्रशासन के तहत आने वाले 181 अधिकारियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए।

शी जिनपिंग के ऐलान के बाद पार्टी में तेज हुई कार्रवाई

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2022 में पार्टी के भीतर सफाई अभियान चलाने की बात कही थी। इसके बाद से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में लगातार कार्रवाई हो रही है। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ चाइना एंड कंटेम्पररी एशिया के प्रमुख शोधकर्ता पावेल ट्रोशचिंस्की के मुताबिक, चीन का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान अब केवल कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ा है।

सेल्फ गवर्नेंस के नए प्रस्ताव पर भी चर्चा

केंद्रीय समिति की बैठक में शी जिनपिंग ने सेल्फ गवर्नेंस से जुड़ा एक और मसौदा पेश किया है। इसके जरिए चीन में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है।

इस बैठक में शी जिनपिंग के भविष्य के कार्यकाल को लेकर भी फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि वह अगले पांच साल तक फिर से राष्ट्रपति पद संभाल सकते हैं। इसके साथ ही चीन के नेतृत्व में दूसरे सबसे अहम पद यानी नंबर-2 की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर भी नजर बनी हुई है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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