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आधी रात को गांव पर खूनी हमला! आतंकवादियों ने की 33 की निर्मम हत्या, इस देश में मच गई चीख-पुकार
अफ्रीकी देश कांगो के नॉर्थ किवू प्रांत के कैंटीन इलाके में विद्रोहियों के हमले में 33 लोगों की मौत की खबर है। हमले में 50 से ज्यादा घरों को आग लगा दी गई।
Congo: अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में हिंसा की एक और बड़ी घटना सामने आई है। नॉर्थ किवू प्रांत के कैंटीन इलाके में विद्रोहियों ने हमला कर जमकर तबाही मचाई। इस हमले में अब तक 33 लोगों के शव मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि 50 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया। हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई और जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़कर दूसरे इलाकों की ओर भागने लगे।
स्थानीय नागरिक संगठन के प्रमुख जस्टिन पालुकु ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अब तक 33 शव गिने जा चुके हैं। इसके अलावा 50 से अधिक मकानों को जला दिया गया है और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस हमले के लिए एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज यानी ADF को जिम्मेदार ठहराया गया है।
ADF पर हमले का आरोप, पहले भी बना चुका है नागरिकों को निशाना
ADF का संबंध युगांडा से रहा है और साल 2019 में इस संगठन ने इस्लामिक स्टेट के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी। यह संगठन लंबे समय से कांगो और युगांडा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। इस पर पहले भी आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले करने के आरोप लगते रहे हैं।
जुलाई 2025 में भी पूर्वी कांगो में ADF ने हमला किया था, जिसमें 66 लोगों की जान चली गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने उस घटना को बड़े पैमाने पर हुए नरसंहार के रूप में बताया था। ताजा हमले ने एक बार फिर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद कैसे हुआ हमला?
स्थानीय नागरिक संगठन के प्रमुख जस्टिन पालुकु ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इलाके में सरकारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद हमलावर कैसे सुरक्षा घेरे को पार कर गए और आम लोगों को निशाना बनाने में सफल रहे, यह समझ से बाहर है।
पालुकु के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा और सरकारी बलों की मौजूदगी के बावजूद विद्रोहियों का हमला कर पाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर नाकामी को दिखाता है। हालांकि, हमले के दौरान सुरक्षा बलों की वास्तविक स्थिति और उनकी प्रतिक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले से इबोला की मार झेल रहा है नॉर्थ किवू
कांगो का नॉर्थ किवू प्रांत पहले ही एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। यहां दुर्लभ बुंडिबुग्यो वायरस के कारण इबोला का प्रकोप फैला हुआ है। इस बीमारी ने हजारों लोगों की जान ली है और हिंसा के कारण राहत और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
हमले के बाद गांव छोड़कर भागे लोगों के सामने अब दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक तरफ विद्रोहियों के हमले का डर है, तो दूसरी तरफ इबोला संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। लोगों के विस्थापन से बीमारी से निपटने के प्रयास और मुश्किल हो सकते हैं।
कांगो में कई विद्रोही संगठन सक्रिय
कांगो में ADF के अलावा भी करीब 100 विद्रोही संगठन सक्रिय बताए जाते हैं। इनमें रवांडा समर्थित M23 समूह सबसे प्रमुख है, जिसने देश के पूर्वी हिस्से के कई अहम शहरों पर कब्जा कर रखा है।
लगातार जारी संघर्ष के कारण पूर्वी कांगो में आम नागरिकों की जिंदगी मुश्किल बनी हुई है। कैंटीन में हुआ ताजा हमला इसी अस्थिरता की एक और गंभीर घटना है। फिलहाल मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि बड़ी संख्या में लोग अपना घर और सामान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे हैं।


