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‘होर्मुज हमारा है...' ट्रंप ने किया कब्ज़े का ऐलान! गुस्से से बौखलाया ईरान...महायुद्ध का बढ़ा खतरा
Donald Trump Takeover Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के कथित अमेरिकी दावे से ईरान भड़क उठा है। मोहसिन रेज़ाई ने ट्रंप को तीखा जवाब दिया, जबकि नए अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ गया है।
Donald Trump Takeover Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने पूरी दुनिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अमेरिका का नया मालिकाना हक बताते हुए एक आक्रामक तस्वीर साझा की है। ट्रंप के इस रुख से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच सीधा टकराव हो चुका है और इस क्षेत्र में महायुद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
ट्रंप की खुली चुनौती: 'होर्मुज अब अमेरिकी इलाका'
डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना रुख अत्यधिक कड़ा कर लिया है। यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने ऐसा विवादित बयान दिया हो। इससे पहले 18 अगस्त और 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में अपनी रैलियों के दौरान भी ट्रंप ने खुलेआम कहा था कि वॉशिंगटन बहुत जल्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेगा। ट्रंप की इस हालिया पोस्ट ने वैश्विक कूटनीति में तहलका मचा दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं की संप्रभुता को खुली चुनौती देता है।
तेहरान का तीखा पलटवार
ट्रंप के इस सनसनीखेज दावे पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेज़ाई ने बेहद तल्ख और दो टूक लहजे में प्रतिक्रिया दी है। रेज़ाई ने तंज कसते हुए कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने में अमेरिका की नाकामी और उस पर कब्जा जमाने के उसके काल्पनिक दावे के बीच का फासला, वॉशिंगटन और इस समुद्री मार्ग के बीच की 7 हजार मील की दूरी से भी ज्यादा है। उन्होंने अमेरिका पर तंज कसते हुए यह भी कहा, "फारस की खाड़ी में पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर में आपका स्वागत है।"
इतिहास के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी
ट्रंप का यह भड़काऊ बयान ऐसे नाजुक समय पर आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा करने जा रहे हैं। अमेरिका ने चीन से भी स्पष्ट शब्दों में आग्रह किया है कि वह तेहरान से तेल खरीदना बंद करे और इस आर्थिक जंग में वॉशिंगटन का सहयोग करे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया है, जबकि मोहसिन रेज़ाई ने पड़ोसी देशों को चेताया है कि जो भी अमेरिका की इस मुहिम में शामिल होगा, उसे दुश्मन माना जाएगा।
शांति की गुहार और बारूद के ढेर पर खड़ा मध्य पूर्व
इतने भारी तनाव के बावजूद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कूटनीतिक समाधान का रास्ता खुला रखने की बात कही है। पेजेश्कियान का कहना है कि ईरान अपने आत्मसम्मान और ताकत को बनाए रखते हुए इस टकराव को खत्म करने के पक्ष में है। हालांकि, जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता, ईरान होर्मुज के रास्ते को किसी भी कीमत पर खोलने के लिए तैयार नहीं है। दोनों देशों की इस जिद्दी खींचतान ने पूरे मध्य पूर्व को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।


