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Donald Trump: ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का पलटवार, ओमान के साथ खड़ा होने का ऐलान
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को लेकर कथित धमकी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने ओमान के समर्थन में बयान जारी करते हुए अमेरिकी टिप्पणी को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया है।
Ismail Baghaei
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित धमकी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस बयान के बाद ईरान ने ओमान के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की बात कही है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान, अमेरिकी अधिकारियों की धमकियों के खिलाफ ओमान के साथ खड़ा है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर कहा कि यदि ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के मुद्दे पर “बाकी देशों की तरह व्यवहार” नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस्माइल बाघेई ने अमेरिकी धमकी की निंदा की
बाघेई ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की धमकियां क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि किसी ऐसे देश को धमकाना, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में लगातार रचनात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाता रहा है, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “कानून की धज्जियां उड़ाने और दबाव की राजनीति” को सामान्य बनाने का खतरनाक संकेत है।
उन्होंने कहा कि संबंधित देश वर्षों से क्षेत्रीय शांति प्रक्रियाओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाता आया है और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों में सक्रिय रहा है। ऐसे में उसे सैन्य धमकी देना न केवल बल प्रयोग पर प्रतिबंध के सिद्धांत का उल्लंघन है, बल्कि वैश्विक कूटनीति के मूल ढांचे को भी कमजोर करता है।
बाघेई ने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में “धौंस जमाने और अव्यवस्था के सामान्यीकरण” की प्रवृत्ति बताया और कहा कि ऐसे कदम वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ईरान का कहना है कि बाहरी दबाव और सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ रहा है, जिससे पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद ने पकड़ा तूल
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने उस कथित प्रस्ताव को सख्ती से खारिज कर दिया, जिसमें ओमान और ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क या टोल व्यवस्था को लेकर चर्चा किए जाने की बात सामने आई थी। व्हाइट हाउस में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें तबाह करना होगा। अगर वे यह समझते हैं तो यह उनके लिए ठीक रहेगा।”
दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने या सेवा शुल्क लेने को लेकर बातचीत चल रही है। ब्लूमबर्ग ने 21 मई को पहली बार इस तरह की खबर दी थी। बाद में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बातचीत सीधे टोल टैक्स लगाने की नहीं थी, बल्कि जहाजों से सेवाओं के बदले शुल्क लेने के एक अलग प्रस्ताव पर केंद्रित थी। ट्रंप की तीखी टिप्पणी ने क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है, क्योंकि ओमान को लंबे समय से अमेरिका का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद खाड़ी साझेदार माना जाता रहा है।


