Bangladesh Health Crisis: बांग्लादेश में खसरे से आठ की मौत, संख्या बढ़कर 432

Bangladesh Health Crisis: बांग्लादेश में खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है।

Newstrack/IANS
Published on: 14 May 2026 3:03 PM IST
Bangladesh Health Crisis
X

Bangladesh Health Crisis

Bangladesh Health Crisis: बांग्लादेश में खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में आठ और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 432 हो गई है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य विभाग के हवाले से दी है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के मुताबिक, मृतकों की ये संख्या बुधवार सुबह तक दर्ज की गई रिपोर्ट्स में शामिल हैं।

देश में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इसी दौरान खसरे के संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों की संख्या भी 60,000 के पार पहुंच चुकी है। पिछले 24 घंटों में 1,489 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संदिग्ध मरीजों की संख्या 53,056 हो गई है। वहीं 126 नए मामलों की पुष्टि के साथ कुल मामलों की संख्या 7,150 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में खसरे का सबसे बड़ा प्रकोप है। उनका मानना है कि समय पर टीकाकरण न होने और इलाज में देरी की वजह से संक्रमण तेजी से फैला है और मौतों में बढ़ोतरी हुई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्ताक हुसैन ने कहा कि अगर मरीजों के इलाज के लिए सही स्तर की व्यवस्था और समय पर कार्रवाई होती, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।

उन्होंने यह भी कहा कि जब मामले 50,000 से ऊपर पहुंच जाएं, तो इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए था। वहीं, विशेषज्ञ महबूबा जमील का कहना है कि अगर टीकाकरण अभियान लगातार चलता रहा तो आने वाले हफ्तों में मामलों में कमी आ सकती है। जिन इलाकों में टीकाकरण हुआ है, वहां स्थिति थोड़ी बेहतर दिख रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले साल टीकाकरण की कमी और कुपोषण इस बीमारी के तेजी से फैलने के बड़े कारण हैं। इसी बीच ढाका के धनमंडी 27 इलाके में ‘सचेतन नागरिक समाज’ के बैनर तले कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया।

इस दौरान पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहां बेगम के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की गई। कुछ रिपोर्टों में इस पूरे प्रकोप को "टाली जा सकने वाली आपदा" बताया गया है और कहा गया है कि पहले की टीकाकरण व्यवस्था कमजोर होने से हालात बिगड़े हैं। ‘द डेली स्टार’ की एक संपादकीय रिपोर्ट में भी कहा गया, "दो दशकों में बनी देश की मजबूत टीकाकरण व्यवस्था अब लापरवाही का शिकार हो गई है।"

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story