'क्या अंबानी इंडिया के बॉस हैं?' एलॉन मस्क के सवाल से Starlink विवाद में आया नया मोड़

Elon Musk ने Starlink की भारत में लॉन्चिंग में देरी पर मुकेश अंबानी का नाम लेकर सवाल उठाया- 'Is Ambani the real boss of India?' जानिए सरकार ने क्या जवाब दिया।

Alakha Singh
Published on: 8 Oct 2026 8:42 PM IST
क्या अंबानी इंडिया के बॉस हैं? एलॉन मस्क के सवाल से Starlink विवाद में आया नया मोड़
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नई दिल्ली। भारत में Starlink की लॉन्चिंग को लेकर Elon Musk और केंद्र सरकार के बीच विवाद अब और तेज हो गया है। पहले ‘कुछ ओलिगार्क्स’ पर Starlink की भारत एंट्री रोकने का आरोप लगाने के बाद मस्क ने अब सीधे Mukesh Ambani का नाम लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। मस्क ने X पर पूछा- “Is Ambani the real boss of India?” यानी क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार ने कुछ ही घंटे पहले Starlink के साथ भेदभाव के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था।

मस्क ने अंबानी का नाम लेकर क्या कहा?

मस्क ने X पर एक पोस्ट के जवाब में लिखा कि Starlink को 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार की हर कानूनी और नियामकीय जरूरत पूरी करने की कोशिश कर रही है। इसके बावजूद भारत में व्यावसायिक सेवा शुरू करने की अनुमति में देरी पर उन्होंने सवाल उठाया।

इसके बाद मस्क ने सीधे लिखा- “Is Ambani the real boss of India?”

मस्क की यह टिप्पणी उनके कुछ घंटे पहले किए गए उस आरोप से आगे की कड़ी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी Starlink को भारत में आने से रोक रहे हैं ताकि भारतीय लोगों पर अपना “monopolistic chokehold” बनाए रखा जा सके। उन्होंने इसे “crime against the people of India” तक बताया था।

पहले ‘ओलिगार्क्स’ पर लगाया था आरोप

मस्क ने शुरुआत में किसी कारोबारी का नाम नहीं लिया था। उन्होंने X पर लिखा था कि कुछ ‘ओलिगार्क्स’ Starlink की भारत एंट्री को रोक रहे हैं। हालांकि, भारतीय टेलीकॉम बाजार में Reliance Jio और Bharti Airtel की मजबूत स्थिति को देखते हुए उनके बयान को मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल की कंपनियों की ओर इशारे के तौर पर देखा गया।

अब मस्क ने अंबानी का नाम सीधे लेकर इस विवाद को और ज्यादा व्यक्तिगत और राजनीतिक रंग दे दिया है।

Starlink को भारत में लॉन्च करने में आखिर दिक्कत क्या है?

यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। Starlink को भारत में GMPCS लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक सेवा शुरू करने के लिए अभी सुरक्षा संबंधी मंजूरियों और स्पेक्ट्रम असाइनमेंट की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। सरकार के मुताबिक लाइसेंस मिलना अंतिम चरण नहीं है।

जनवरी 2026 में सरकार ने संसद में बताया था कि OneWeb India, Jio Satellite Communications और Starlink Satellite Communications को GMPCS सेवा के लिए यूनिफाइड लाइसेंस दिया गया है। Amazon Kuiper का आवेदन उस समय जांच के अधीन था।

यानी मस्क के “no license” वाले बयान का संदर्भ व्यावसायिक संचालन के लिए जरूरी अंतिम मंजूरियों से है, जबकि भारत सरकार का कहना है कि Starlink को जरूरी लाइसेंस पहले ही दिया जा चुका है।

सरकार ने मस्क के आरोपों पर क्या कहा?

मस्क के ‘ओलिगार्क्स’ वाले आरोप के बाद संचार मंत्रालय ने 8 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है।

सरकार के मुताबिक तीन सैटेलाइट कम्युनिकेशन ऑपरेटरों को लाइसेंस दिए गए हैं और तीनों का सुरक्षा मूल्यांकन चल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल तीनों कंपनियां मोटे तौर पर एक ही नियामकीय चरण में हैं। सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कंपनी स्पेक्ट्रम असाइनमेंट के अगले चरण में जा सकती है।

सरकार ने मस्क के आरोपों को सीधे तौर पर “baseless and misconceived” यानी निराधार और गलत धारणा पर आधारित बताया है।

Jio और Airtel से क्यों जुड़ रहा है विवाद?

भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में Starlink अकेला खिलाड़ी नहीं है। मुकेश अंबानी की Jio और सुनील भारती मित्तल से जुड़ी Airtel/OneWeb भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं।

दिलचस्प बात यह है कि Airtel और Jio दोनों ने Starlink के साथ साझेदारी भी की थी, जबकि उनकी अपनी सैटेलाइट इंटरनेट महत्वाकांक्षाएं भी हैं। Reliance का Jio Satellite Communications इस क्षेत्र में काम कर रहा है, जबकि Bharti का OneWeb से भी जुड़ाव है।

यही वजह है कि मस्क के ‘ओलिगार्क्स’ वाले बयान के बाद भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा और संभावित कारोबारी हितों को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, मस्क ने अपने आरोपों के समर्थन में अंबानी या किसी अन्य कारोबारी के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं किया है।

Starlink भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

मस्क लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि Starlink भारत के उन इलाकों में तेज इंटरनेट पहुंचा सकता है जहां मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है। खासकर ग्रामीण, पहाड़ी, सीमावर्ती, दूरदराज और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में सैटेलाइट इंटरनेट को आखिरी मील की कनेक्टिविटी के विकल्प के तौर पर देखा जाता है। भारत सरकार ने भी संसद में माना है कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन ऐसी जगहों पर डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर सकता है।

Starlink का कहना है कि उसने भारत में करीब 20 गेटवे साइट्स तैयार कर ली हैं और भारतीय सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक सिस्टम भी तैयार किए हैं। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही रखा जाएगा।

सुरक्षा मंजूरी क्यों बनी सबसे बड़ी अड़चन?

Starlink की भारत एंट्री को लेकर सुरक्षा चिंताएं भी सामने आती रही हैं। 2024 में भारतीय अधिकारियों ने अंडमान-निकोबार में ड्रग्स से जुड़े एक ऑपरेशन और मणिपुर में सेना की कार्रवाई के दौरान Starlink उपकरण मिलने की बात कही थी। उस समय मस्क ने कहा था कि भारत के ऊपर Starlink की सैटेलाइट बीम बंद थी और पहले भी सक्रिय नहीं थी।

इसीलिए सरकार के लिए सुरक्षा अनुपालन इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

अब विवाद किस मोड़ पर पहुंचा?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि मस्क ने पहले जहां ‘कुछ ओलिगार्क्स’ का अस्पष्ट आरोप लगाया था, वहीं अब उन्होंने सीधे मुकेश अंबानी का नाम लेकर सवाल पूछा है।

दूसरी तरफ, सरकार का स्पष्ट कहना है कि Starlink के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है और सभी लाइसेंसधारी सैटेलाइट ऑपरेटर समान सुरक्षा प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। ऐसे में अब टकराव सिर्फ Starlink की लॉन्चिंग में देरी का मामला नहीं रह गया है। यह भारत के टेलीकॉम रेगुलेशन, सुरक्षा मंजूरियों, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम और देश के बड़े कारोबारी समूहों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का बड़ा मुद्दा बन गया है।

फिलहाल Starlink की भारत में व्यावसायिक सेवा शुरू नहीं हुई है और अंतिम सुरक्षा मंजूरी तथा स्पेक्ट्रम असाइनमेंट की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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