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'ओमानी को-पायलट ने कहा नमाज पढ़ना है'... फ्लाईदुबई कप्तान ने नेतन्याहू को बताई को-पायलट के हमले की पूरी कहानी
फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के कथित हाईजैक प्रयास के दौरान भारतीय कप्तान स्मित मच्छर ने कैसे यात्रियों की जान बचाई, नेतन्याहू से बातचीत में सुनाई पूरी कहानी।
फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के कथित हाईजैक प्रयास के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों की सुरक्षा करने वाले भारतीय कप्तान स्मित मच्छर ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। शनिवार को हुई बातचीत में मच्छर ने बताया कि हमले के दौरान उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
कप्तान ने बताया कि घटना की शुरुआत तब हुई जब उनके ओमानी को-पायलट ने कहा कि वह नमाज पढ़ना चाहता है। मच्छर के मुताबिक, यह बात उन्हें असामान्य नहीं लगी। उन्होंने सम्मान के तौर पर अपनी नजरें दूसरी तरफ कर लीं, तभी अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ।
मच्छर ने कहा कि शुरुआती पल में उन्हें लगा कि विमान को कोई गंभीर नुकसान हुआ है। लेकिन लगातार होते हमलों के बाद उन्हें समझ आया कि हमला विमान पर नहीं, बल्कि खुद उन पर हो रहा है।
को-पायलट ने बंद रखने की कोशिश की कॉकपिट की डोर
मच्छर ने बताया कि हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर झुक गया और उनकी नजर धुंधली पड़ने लगी। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी। बाहर मौजूद क्रू सदस्य भी कोड के जरिए दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन को-पायलट बार-बार उसे बंद कर रहा था।
कप्तान के मुताबिक, आखिरकार उन्होंने दरवाजे के हैंडल तक हाथ पहुंचाया और उसे घुमाकर खोल दिया। उन्होंने बताया कि उस समय वह कॉकपिट के फर्श पर गिर चुके थे। उन्हें विमान के तेजी से नीचे जाने की आवाज और यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
मच्छर ने कहा कि इसी दौरान विमान में मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत स्थिति संभाली और नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। उनके मुताबिक, यही वह क्षण था जिसने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
नेतन्याहू ने बताया 'भारत और दुनिया का हीरो'
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कप्तान मच्छर की बहादुरी और मुश्किल हालात में उनके संयम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मच्छर ने असाधारण साहस का परिचय दिया और असंभव परिस्थितियों में भी अपना नियंत्रण नहीं खोया।
नेतन्याहू ने उन्हें इजरायल का ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया। उन्होंने मच्छर को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मशाल जलाने के लिए भी आमंत्रित किया।
नेतन्याहू ने कहा कि यह सम्मान आमतौर पर इजरायली नागरिकों के लिए होता है, लेकिन मच्छर के मामले में इजरायल के लोग उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे।
जिस डॉक्टर ने बचाई जान, उससे मिलना चाहते हैं मच्छर
कप्तान मच्छर ने नेतन्याहू से उस इजरायली डेंटिस्ट से मुलाकात की इच्छा भी जताई, जिसने हमले के तुरंत बाद विमान में उनकी जान बचाने में मदद की थी।
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात में इजरायल के राजदूत योसी शेली ने भी दुबई में मच्छर से मुलाकात की। उन्होंने कप्तान की बहादुरी की सराहना की और उन्हें जल्द इजरायल आने का न्योता दिया।
हालांकि, मच्छर ने खुद को हीरो कहे जाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उस निर्णायक वक्त में उन्हें सिर्फ इतना पता था कि उन्हें कार्रवाई करनी है।


