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चाकू नहीं, Crash Axe से जांबाज पायलट मच्छार पर हमला! जानिए कितना खतरनाक होता है ये हथियार
Flydubai Flight FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित तौर पर Crash Axe से हमला हुआ। जानिए Crash Axe क्या है और विमान में क्यों रखा जाता है।
Flydubai की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले को लेकर अब एक अहम जानकारी सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को चाकू से हमला बताया जा रहा था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स (Crash Axe) से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इसी दौरान विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश किए जाने की भी बात सामने आई है।
यह घटना बुधवार को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला किया और विमान को क्रैश करने का प्रयास किया। कैप्टन मच्छार ने कथित तौर पर स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इजरायली PM ने भी किया Crash Axe का जिक्र
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घटना के बारे में बताते हुए कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया था।
घटना के दौरान विमान ने पहले Squawk 7700 कोड प्रसारित किया। यह सामान्य आपात स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इमरजेंसी कोड है। इसके बाद विमान से Squawk 7500 प्रसारित किया गया, जो विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप यानी unlawful interference का संकेत देता है।
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसने सुरक्षित लैंडिंग की।
क्या होता है Crash Axe?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा के मुताबिक, क्रैश एक्स किसी विमान में रखा सामान्य सुरक्षा उपकरण है। यह आमतौर पर कॉकपिट में पायलटों की पहुंच के भीतर रखा जाता है।
इसका इस्तेमाल किसी विमान को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि आपात स्थिति में रास्ता बनाने और विमान के हिस्सों को काटने या तोड़ने के लिए किया जाता है।
क्रैश एक्स में धातु काटने या विमान की संरचना को तोड़ने में मदद करने वाला हिस्सा होता है। आपात स्थिति में इसका इस्तेमाल फ्यूजलेज पैनल, एल्युमिनियम स्ट्रक्चर या अन्य बाधाओं को काटने के लिए किया जा सकता है।
आग लगने पर बेहद काम आता है ये उपकरण
विमान में आग लगने की स्थिति में कई बार आग सीधे दिखाई नहीं देती। आग साइडवॉल, सीलिंग पैनल, लैवेटरी की लाइनिंग या विमान के किसी बंद हिस्से के पीछे हो सकती है।
ऐसी स्थिति में क्रैश एक्स से उस हिस्से को तोड़कर आग के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है। इसके बाद फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल सीधे प्रभावित हिस्से पर किया जा सकता है।
गंभीर दुर्घटना के बाद भी यह उपकरण उपयोगी होता है। यदि विमान का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर रास्ता रोक दे या सामान्य निकास बंद हो जाए, तो क्रैश एक्स से मलबा हटाने और वैकल्पिक रास्ता बनाने में मदद ली जा सकती है।
कॉकपिट में ही क्यों रखा जाता है?
क्रैश एक्स को इस तरह रखा जाता है कि जरूरत पड़ने पर फ्लाइट क्रू तुरंत इसका इस्तेमाल कर सके। कुछ पुराने विमानों में इस तरह के उपकरणों को यात्री केबिन में भी रखा जाता था, लेकिन 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए गए और ऐसे उपकरणों को फ्लाइट डेक तक सीमित करने की दिशा में कदम उठाए गए।
अमेरिका में 19 से ज्यादा यात्री सीटों वाले विमानों के लिए इस तरह के उपकरणों को लेकर नियामकीय आवश्यकताएं हैं। इसका मूल उद्देश्य आपातकालीन बचाव और अग्निशमन परिस्थितियों में मदद करना है।
फिर इतना खतरनाक उपकरण विमान में क्यों?
सवाल यह उठता है कि जब क्रैश एक्स इतना मजबूत और खतरनाक उपकरण है तो इसे विमान में रखने की अनुमति क्यों है?
इसका कारण विमान में आपातकालीन परिस्थितियों की प्रकृति है। आग अगर किसी पैनल या संरचना के पीछे हो, दुर्घटना के बाद रास्ता बंद हो या किसी हिस्से को काटकर बाहर निकलने की जरूरत पड़े, तो सामान्य उपकरण पर्याप्त नहीं हो सकते।
इसी वजह से क्रैश एक्स को एक सुरक्षा उपकरण माना जाता है, हथियार नहीं।
लेकिन Flydubai की घटना ने इसी सुरक्षा उपकरण के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस उपकरण को किसी दुर्घटना के बाद यात्रियों और क्रू की जान बचाने के लिए रखा जाता है, कथित तौर पर उसी का इस्तेमाल कॉकपिट में पायलट पर हमला करने के लिए किया गया।
इस घटना में विमान के सुरक्षित रूप से तबूक पहुंचने के बाद अब जांच का फोकस हमले की पूरी परिस्थितियों, को-पायलट के कथित कृत्य और कॉकपिट में हुई घटनाओं पर रहेगा।


