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अब फ्रांस-ईरान में महायुद्ध शुरू? मैक्रों ने भेजे दो घातक युद्धपोत, दुनिया का महाविनाश पक्का?
France-Iran conflict over Strait of Hormuz: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने होर्मुज की खाड़ी में दो युद्धपोत तैनात कर ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर खतरा बढ़ गया है, जबकि ईरान ने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है।
France-Iran conflict over Strait of Hormuz: मिडल ईस्ट की जंग अब केवल जमीन तक सीमित नहीं रही, बल्कि समुद्र के गहरे पानी में भी बारूद की गंध फैलने लगी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ऐसा बड़ा ऐलान कर दिया है जिसने तेहरान से लेकर वॉशिंगटन तक खलबली मचा दी है। मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि फ्रांस की नौसेना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज की खाड़ी' को दोबारा खोलने के लिए एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने जा रही है। इस मिशन के तहत फ्रांस अपने दो शक्तिशाली युद्धपोत लाल सागर (Red Sea) में तैनात करेगा। लेकिन फ्रांस की इस हिम्मत पर ईरान ने ऐसी खौफनाक चेतावनी दी है जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
मैक्रों का 'मिशन होर्मुज' और तेल की आग
होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए कितनी जरूरी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के हमलों से बौखलाए ईरान ने इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया है, जिसकी वजह से वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लग गई है। राष्ट्रपति मैक्रों का कहना है कि वे तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षा देने के लिए एक 'डिफेंसिव' सैन्य एस्कॉर्ट मिशन शुरू करना चाहते हैं। मैक्रों का मानना है कि अगर यह रास्ता नहीं खुला, तो दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।
ईरान की दो टूक
फ्रांस की इस प्लानिंग पर ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने पलटवार करने में देर नहीं लगाई। लारिजानी ने सोशल मीडिया पर मैक्रों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल की भड़काई आग शांत नहीं होती, तब तक होर्मुज की खाड़ी में सुरक्षा का सपना देखना छोड़ दें। उन्होंने फ्रांस को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि जो देश इस युद्ध को हवा दे रहे हैं, वे अगर सुरक्षा की प्लानिंग बनाएंगे तो उसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। ईरान का संदेश साफ है अगर उस पर हमले बंद नहीं हुए, तो वह दुनिया की तेल सप्लाई लाइन को पूरी तरह काट देगा।
क्या महायुद्ध की ओर बढ़ रही है दुनिया?
मैक्रों ने साफ किया है कि फ्रांस के इस कदम में यूरोप के अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि जब तक मिडल ईस्ट में जंग कम नहीं होती, यह ऑपरेशन करना बेहद खतरनाक होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें फ्रांस के उन दो युद्धपोतों पर टिकी हैं जो लाल सागर की तरफ बढ़ रहे हैं। क्या फ्रांस ईरान के दबाव के आगे झुकेगा या फिर समुद्र के बीचों-बीच एक नई और भयंकर जंग की शुरुआत होगी?


