फ्रांस में जनता 'फायर'! महंगाई से लेकर शिक्षा पर बवाल, चुनाव से पहले टेंशन में मैक्रों, 31 अक्टूबर की बड़ी प्लानिंग

फ्रांस में महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी मांगों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

Sachin Singh
Published on: 26 Oct 2026 10:12 PM IST (Updated on: 26 Oct 2026 10:21 PM IST)
फ्रांस में जनता फायर! महंगाई से लेकर शिक्षा पर बवाल, चुनाव से पहले टेंशन में मैक्रों, 31 अक्टूबर की बड़ी प्लानिंग
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France Protests 2026: फ्रांस में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन की लागत, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। 24 अक्टूबर 2026 को देश के कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। इसमें शनिवार को पूरे फ्रांस में 400,000 से ज़्यादा लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि चुनाव से छह महीने पहले फ्रांस में इस तरह की अशांति होना नॉर्मल नहीं है। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर को देखी गई अशांति फिर कभी न हो।

शुरुआत में ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन बाद में पेरिस, मार्सेई और दूसरे शहरों में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। फ्रांस की सरकार ने हालात संभालने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए। 25 अक्टूबर को जारी जानकारी के मुताबिक, देशभर में 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के सामने अब लोगों की मांगों पर बातचीत करने और हिंसा रोकने, दोनों की चुनौती है।

फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के 10 ताजा अपडेट...

1. देशभर में 4.10 लाख लोग सड़कों पर उतरे

24 अक्टूबर को फ्रांस के अलग-अलग शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, करीब 4.10 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शनकारियों की संख्या लगभग 8 लाख बताई।

2. पेरिस में 1.10 लाख प्रदर्शनकारी जुटे

राजधानी पेरिस में भी बड़ी संख्या में लोगों ने मार्च निकाला। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब 1.10 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। लोगों ने महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।

3. गिरफ्तारियों का आंकड़ा 1,435 तक पहुंचा

प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने 26 अक्टूबर को बताया कि शनिवार के प्रदर्शनों के दौरान देशभर में 1,435 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

4. सुरक्षा के लिए 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात

पिछले प्रदर्शनों में हुई हिंसा को देखते हुए फ्रांस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। 24 अक्टूबर को हुए मार्च के दौरान देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और जेंडार्म्स को तैनात किया गया था। प्रशासन की कोशिश थी कि तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं को रोका जा सके।

5. पेरिस और दूसरे शहरों में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी

ज्यादातर मार्च शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ जगहों पर हालात बिगड़ गए। पेरिस और मार्सेई में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। लियोन, लिली, नांत और टूलूज समेत कई शहरों में भी तनाव की खबरें सामने आईं। कुछ जगहों पर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

6. मैक्रों सरकार ने बड़े कदम उठाने का भरोसा दिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 26 अक्टूबर को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों पर जवाब देने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने माना कि देश में जारी विरोध को गंभीरता से लेने की जरूरत है। सरकार के सामने लोगों की मांगों को सुनने के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

7. शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर सरकार की नजर

शुरुआत में छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, शिक्षा के लिए पर्याप्त फंड और खराब सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था। अब यह आंदोलन महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों तक फैल गया है। प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू को छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी है। विश्वविद्यालयों में दाखिले की व्यवस्था में बदलाव भी प्रमुख मांगों में शामिल है।

8. 31 अक्टूबर को फिर बड़े प्रदर्शन की आशंका

फ्रांस के गृह मंत्री ने चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान फिर हिंसा भड़क सकती है। राष्ट्रपति मैक्रों ने भी इस दिन को जोखिम भरा बताया है। ऐसे में प्रशासन पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

9. 5 नवंबर को देशव्यापी आंदोलन की तैयारी

प्रदर्शनकारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 31 अक्टूबर को फिर प्रदर्शन हो सकते हैं, जबकि 5 नवंबर को विभिन्न यूनियनों ने देशव्यापी लामबंदी और हड़ताल का आह्वान किया है। उनकी मांगों में बेहतर वेतन, महंगाई से राहत और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार शामिल हैं।

10. दुकानों और कारोबार पर भी पड़ रहा असर

लगातार विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की आशंका से कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई दुकानदारों ने नुकसान और लूटपाट के डर से दुकानें बंद रखने या सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। फ्रांस के एक कारोबारी संगठन के प्रमुख ने बताया कि एहतियात के तौर पर दुकानें बंद रहने से बिक्री में करीब 80 फीसदी तक गिरावट आई है।

आगे क्या होगा?

फ्रांस में फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन आंदोलनकारी संगठनों ने भी पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। अब सबकी नजर 31 अक्टूबर के प्रदर्शनों और 5 नवंबर की प्रस्तावित देशव्यापी लामबंदी पर है। इन तारीखों पर हालात कैसे रहते हैं, इससे तय होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव कम होता है या आंदोलन और तेज होता है।

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Conetent Writer Mail ID - sachinsingh.alert@gmail.comsachinsingh.alert@gmail.com

Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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