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Venezuela: भूकंप से तबाही का खौफनाक मंजर, 164 मौतों की पुष्टि, 971 घायल
Venezuela Earthquake Disaster: वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। आपातकाल घोषित कर दिया गया है और USGS ने बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है।
Venezuela Earthquake Disaster: प्रकृति के भीषण गुस्से ने दुनिया के दो बड़े देशों में भारी तबाही मचा दी है. घटना में अब तक मरने वालों की संख्या 164 हो गयी है, वहीं घायलों की संख्या 971 पहुँच चुकी है. राहत व बचाव कार्य जारी जारी है. आशंका है जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा वैसे मरने वालों की बहुत बड़ी सख्या सामने आ सकती है. वेनेजुएला में एक के बाद एक आए दो बेहद खतरनाक भूकंपों ने ऐसी तबाही मचाई है कि पूरी दुनिया दहल उठी है. देश की राजधानी काराकास सहित कई प्रमुख शहरों में आसमानी गगनचुंबी इमारतें देखते ही देखते मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गईं. जमीन इस कदर हिली कि चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार मच गई. इस महा-संकट को देखते हुए देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने तुरंत पूरे वेनेजुएला में आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी है. अभी इस आपदा से लोग संभल भी नहीं पाए थे कि एशिया महाद्वीप के देश जापान में भी धरती बहुत तेज झटकों से कांप उठी.
PM मोदी ने जताया गहरा शोक
वेनेजुएला में मची इस भयंकर तबाही पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश की तरफ से संवेदना संदेश जारी करते हुए लिखा कि वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप से पहुंचे नुकसान को देखकर मेरा मन अत्यंत व्यथित है. भारत के सभी नागरिकों की तरफ से मैं वहां की सरकार और संकट झेल रहे लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. विशेषकर उन पिताओं और माताओं के प्रति जिन्होंने इस हादसे में अपनों को हमेशा के लिए खो दिया है. भारत संकट की इस घड़ी में हर संभव सहायता सामग्री भेजने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है.
1 लाख मौतों का खौफनाक अनुमान
इस भयानक त्रासदी को लेकर अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है. संस्था के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मलबे के विशाल आकार को देखते हुए इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले मासूम लोगों की संख्या 10,000 से लेकर 1,00,000 के पार भी पहुंच सकती है. इस अनुमान ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की चिंता को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है.
महज 40 सेकंड का फासला
वैज्ञानिकों के अनुसार, वेनेजुएला के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पहला झटका 7.1 तीव्रता का दर्ज हुआ, जिसका मुख्य केंद्र मोरोन से 168 किमी दूर पश्चिम दिशा में जमीन से 13 किमी नीचे था. इस झटके के महज 40 सेकंड के भीतर ही 7.5 तीव्रता का दूसरा और पहले से कहीं ज्यादा तगड़ा झटका लगा, जिसका केंद्र मोरोन से 16 किमी दूर दक्षिण-पश्चिम में था. इस भयानक कंपन के बाद प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स जैसे तटीय क्षेत्रों में सुनामी का हाई अलर्ट भी जारी करना पड़ा.
जापान में भी हाहाकार
वेनेजुएला के इस दर्दनाक घटनाक्रम के बीच ही जापान के आओमोरी प्रान्त के हशिकामा टाउन में भी 6.9 तीव्रता का बेहद तगड़ा भूकंप आया, जिसका केंद्र इवाते प्रान्त के समंदर तट पर था. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाची ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाकर बचाव दलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. गनीमत यह रही कि जापान में सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
जमींदोज हुईं इमारतें
वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने देश के नाम संबोधन में बताया कि हजारों आवासीय मकान मलबे के पहाड़ में बदल चुके हैं. देश के सभी सैन्य और नागरिक संसाधनों को रेस्क्यू ऑपरेशन में झोंक दिया गया है. हर तरफ धूल का गुबार और मलबे से अपनों को निकालने की जंग चल रही है.


