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Earthquake आने से पहले Google ने भेजा था 'महा अलर्ट' का मैसेज! फिर Venezuela में क्यों मची भयंकर तबाही ?
Venezuela Earthquake Alert Message: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई लोगों ने अपने स्मार्टफोन पर आए Google Earthquake Alert के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं।
Venezuela Earthquake Alert Message
Venezuela Earthquake Alert Message: दक्षिण अमेरिकी देश Venezuela में आए दो भयंकर भूकंपों ने बड़ी तबाही मचा दी है। 7.4 और 7.2 तीव्रता के इन भूकंपों ने कुछ ही मिनटों में कई इमारतों को धराशायी कर दिया, जबकि हजारों लोगों के बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच एक सब से हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है कि भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही Google ने लाखों एंड्रॉयड यूजर्स को 'महा चेतावनी' का एक संदेश भेज दिया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई लोगों ने अपने स्मार्टफोन पर आए Google Earthquake Alert के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में भूकंप की संभावित तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र की जानकारी दिखाई दे रही है। कई यूजर्स का दावा है कि उन्हें झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही अलर्ट प्राप्त हुआ था, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने का वक़्त मिल गया।
कैसे काम करता है Google का Earthquake Alert System?
Google का Earthquake Alert System एक प्रकार का आधुनिक तकनीक और करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के नेटवर्क पर आधारित है। कंपनी स्मार्टफोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर का उपयोग करती है। यह वही सेंसर है जो फोन की स्क्रीन को ऑटो-रोटेट करने और कंपन को पहचानने का कार्य करता है।
जब किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन एक जैसी कंपन महसूस करते हैं, तो Google का सिस्टम उस डेटा का विश्लेषण करता है। अगर कंपन भूकंप से संबंधित पाई जाती है, तो सिस्टम तत्काल आसपास के लोगों को चेतावनी संदेश भेज देता है। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है।
प्रकाश की गति से पहुंचता है अलर्ट
विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप की तरंगें पृथ्वी के अंदर एक निश्चित गति से यात्रा करती हैं, जबकि इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से भेजे गए संदेश प्रकाश की गति के करीब पहुंचते हैं। यही वजह है कि कई बार लोगों को भूकंप महसूस होने से कुछ सेकंड पहले चेतावनी मिल जाती है।
Google का दावा है कि उसके Earthquake Alert Network से विश्व के लगभग 2 अरब एंड्रॉयड डिवाइस जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क भूकंप की शुरुआती गतिविधियों को पहचानकर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अलर्ट भेजने में सहायता करता है।
फिर भी क्यों नहीं बच पाए सभी लोग?
भूकंप से पहले अलर्ट मिलने के बावजूद यह सवाल खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी तबाही कैसे हुई। विशेषज्ञ बताते हैं कि Google का अलर्ट सिस्टम आमतौर पर कुछ सेकंड पहले ही चेतावनी देता है। अगर कोई व्यक्ति तुरंत प्रतिक्रिया देता है तो वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकता है, लेकिन शक्तिशाली भूकंप और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इतने कम वक़्त में सभी लोगों का सुरक्षित निकल पाना मुश्किल होता है।
2 तरह के अलर्ट भेजता है Google
Google का सिस्टम सामान्य तौर पर दो प्रकार के अलर्ट जारी करता है। पहला हल्के भूकंप के लिए सूचना आधारित चेतावनी और दूसरा तेज एवं खतरनाक भूकंप के लिए हाई-प्रायोरिटी अलर्ट। Venezuela में आए शक्तिशाली भूकंप के दौरान भी इसी तरह का अलर्ट कई यूजर्स को मिला था।
फिलहाल वेनेजुएला में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। वहीं Google की यह तकनीक एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसने संभावित खतरे से पहले लोगों को आगाह करने का काम किया।


