नाजी विचारधारा और हिंदुओं के नरसंहार की सनक…19 साल के नफरती लड़के की खौफनाक कहानी!

US Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर कथित हमले की साजिश का मामला सामने आया है। 19 वर्षीय युवक के पास राइफल, 300 गोलियां और बॉडी आर्मर मिला। ऐन वक्त पर राइफल जाम हो गई।

Aditya Kumar Verma
Published on: 15 Oct 2026 7:50 PM IST (Updated on: 15 Oct 2026 8:16 PM IST)
US Hindu Temple Attack Plot
X

Image Source- Social Media

US Hindu Temple Attack: अमेरिका (America) के इलिनॉय (Illinois) में एक 19 वर्षीय युवक पर हिंदू मंदिर (Hindu Temple) में बड़े पैमाने पर गोलीबारी (Mass Shooting) की कथित साजिश रचने का आरोप लगा है। आरोपी की पहचान अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Papadakis) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 11 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। उस पर आतंकवादी धमकी (Terrorist Threat) देने और अवैध रूप से हथियार रखने (Illegal Weapon Possession) के आरोप लगाए गए हैं।

मामला इसलिए बेहद गंभीर है क्योंकि जांचकर्ताओं के मुताबिक, पापोराकिस कथित तौर पर भारतीयों को निशाना बनाकर हिंसा की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, वह ऑरोरा (Aurora) इलाके में स्थित एक हिंदू मंदिर तक हथियार लेकर पहुंचा भी था। लेकिन कथित तौर पर उसकी राइफल जाम हो गई और वह गोलीबारी नहीं कर सका। इसके बाद वह वापस लौट गया।

राइफल जाम हुई और टल गया बड़ा खतरा

एनबीसी शिकागो (NBC Chicago) की कोर्ट रिकॉर्ड पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, पापोराकिस के पास एक मॉडिफाइड एआर-स्टाइल राइफल (Modified AR-Style Rifle) और करीब 300 राउंड कारतूस (Rounds of Ammunition) थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, इतनी गोलियां थीं कि उनसे करीब दस मैगजीन दोबारा भरी जा सकती थीं। उसके पास बॉडी आर्मर (Body Armor), पेट्रोल के डिब्बे और कई नाजी चिह्न (Nazi Symbols) भी बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर को वह पैलेटाइन स्थित अपनी मां के घर से गाड़ी चलाकर ऑरोरा के हिंदू मंदिर की तरफ गया था। पुलिस का आरोप है कि उसका मकसद बड़ी संख्या में भारतीयों को निशाना बनाना था। वहां पहुंचने के बाद उसने कथित तौर पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। इसके बाद वह वापस अपने घर चला गया।

घर लौटकर बंदूक ठीक करने का तरीका खोजा

पुलिस के अनुसार, मंदिर से वापस लौटने के बाद पापोराकिस ने इंटरनेट पर यह तलाशना शुरू किया कि जाम हुई बंदूक को कैसे ठीक किया जाए। इसके बाद उसने अपने एक सहकर्मी को फोन कर कथित तौर पर बताया कि वह बड़ी गोलीबारी (Mass Shooting) करने की योजना बना रहा है।

यहीं से पुलिस को इस कथित साजिश की जानकारी मिली। उसके सहकर्मी ने पुलिस को मामले के बारे में बताया। इसके बाद अमेरिकी पुलिस (US Police) तुरंत सक्रिय हुई और मंदिर लौटने से पहले ही पापोराकिस को गिरफ्तार कर लिया गया।

300 गोलियां, बॉडी आर्मर और नाजी चिह्न बरामद

पुलिस ने सर्च वारंट (Search Warrant) के तहत पापोराकिस के घर की तलाशी ली। वहां से एक राइफल, कई लोडेड मैगजीन (Loaded Magazines) और सैकड़ों राउंड कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान में एक टैक्टिकल जैकेट (Tactical Jacket) भी थी, जिसमें बॉडी आर्मर लगा हुआ था। इस जैकेट पर ऐसा पैच भी मिला, जिस पर श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ (White Supremacist Extremism) से जुड़ी तस्वीरें बनी थीं। इसके अलावा जांचकर्ताओं को घर से पेट्रोल के डिब्बे और नाजी विचारधारा से जुड़े चिह्न भी मिले।

टैको बेल में करता था काम

पापोराकिस टैको बेल (Taco Bell) में काम कर चुका है। उसके सहकर्मियों ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह काम के दौरान नस्लीय टिप्पणियां (Racist Remarks) करता था और खुद को श्वेत वर्चस्ववादी (White Supremacist) बताता था।

सहकर्मियों के मुताबिक, वह नाजी विचारधारा (Nazi Ideology) और सशस्त्र संघर्ष (Armed Conflict) को लेकर भी चर्चा करता था। आरोप है कि उसने भारतीयों को लेकर बेहद हिंसक बातें कहीं और कहा कि वह उन्हें मारने का इंतजार नहीं कर सकता।

आठ पन्नों के दस्तावेज में क्या था?

जांचकर्ताओं के मुताबिक, पापोराकिस ने अपने कथित नफरत के एजेंडे को लेकर एक दस्तावेज भी तैयार किया था। इसका नाम था ‘व्हाई आई फॉट: ए के ए ऑरोरा शूटर्स मैनिफेस्टो’ (Why I Fought: A.K.A. Aurora Shooter’s Manifesto)।

पुलिस के अनुसार, आठ पन्नों के इस दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचार (White Supremacist and Extremist Ideology) व्यक्त किए गए थे। इसमें दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र होने का आरोप है।

दस्तावेज में भारतीयों और हिंदुओं के अलावा यहूदियों और अफ्रीकी-अमेरिकियों को भी निशाना बनाने वाली हिंसक विचारधारा होने की बात सामने आई है। अमेरिकी पुलिस और अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, उसके विचारों में नस्लीय घृणा (Racial Hatred) और नाजी विचारधारा का प्रभाव दिखाई देता था।

श्वेत वर्चस्ववादी और नाजी विचारधारा का आरोप

जांचकर्ताओं के मुताबिक, पापोराकिस खुद को श्वेत वर्चस्ववादी बताता था। इस विचारधारा में श्वेत लोगों को दूसरी नस्लों से श्रेष्ठ मानने की सोच शामिल होती है।

जांच में सामने आए दस्तावेज के मुताबिक, कथित तौर पर इसी सोच के आधार पर भारतीयों, यहूदियों और अफ्रीकी-अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा की पैरवी की गई थी।

पुलिस के अनुसार, पापोराकिस नाजी विचारधारा और सशस्त्र संघर्ष की बात भी करता था। उसके कथित मैनिफेस्टो (Manifesto) में हिंसा और बड़े पैमाने पर हमले से जुड़े विचार होने की बात कही गई है।

हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अदालत में इनका अंतिम रूप से साबित होना बाकी है।

लिंग परिवर्तन के लिए हार्मोन इंजेक्शन लेने की बात

एनबीसी शिकागो की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालती रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि पापोराकिस हाइपरएक्टिविटी और एंग्जायटी के इलाज से जुड़ी स्थिति में था और लिंग परिवर्तन (Gender Transition) के लिए हार्मोन इंजेक्शन ले रहा था।

यह जानकारी उसके खिलाफ लगाए गए आतंकवादी धमकी और हथियार रखने के आरोपों से अलग है। मामले की मुख्य जांच कथित हमले की योजना, उसके नफरत भरे दस्तावेज, हथियारों और मंदिर को निशाना बनाने के आरोपों पर केंद्रित है।

सहकर्मियों ने पुलिस को दी जानकारी

इस पूरे मामले में पुलिस तक जानकारी पहुंचाने में उसके सहकर्मियों की भूमिका अहम रही। बताया गया है कि पापोराकिस ने कथित तौर पर अपने एक सहकर्मी से हमले की योजना के बारे में बात की थी।

इसके बाद सहकर्मी ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पापोराकिस को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह कथित तौर पर मंदिर में दोबारा पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

भारत ने जताई गंभीर चिंता

इस मामले पर भारत (India) ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने 15 अक्टूबर को कथित साजिश के नस्लवादी और हिंदू-विरोधी स्वरूप पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर ध्यान दिया है, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और हिरासत के साथ उस पर लगाए गए आरोप भी शामिल हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस साजिश का कथित हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप विशेष रूप से चिंताजनक है।

भारत ने की गहन जांच की मांग

भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले की गहन जांच (Thorough Investigation) करने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जायसवाल ने कहा कि इस घटना ने अमेरिका में नस्लवादी शत्रुता (Racist Hostility) और भारत-विरोधी नफरत (Anti-India Hate) को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाया है।

उन्होंने नफरत से प्रेरित हिंसा (Hate-Motivated Violence) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाने, अधिक सतर्कता बरतने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत बताई।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी अधिकारी मामले की गहन जांच करेंगे, दोषियों को न्याय के कठघरे में लाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।

फिलहाल अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। आरोपों के मुताबिक, ऑरोरा के हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़ी गोलीबारी की कथित योजना थी, लेकिन राइफल जाम होने और उसके बाद सहकर्मी की सूचना से पुलिस समय रहते सक्रिय हो गई।

Aditya Kumar Verma
ABOUT THE AUTHOR

Aditya Kumar Verma

Content Writer Mail ID - adityakumarverma993@gmail.comadityakumarverma993@gmail.com

आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

Next Story