Hormuz Strait फिर हुआ बंद! ईरान के एक कदम से भड़का युद्ध, अमेरिका ने 7 शहरों पर बरसाईं मिसाइलें

Hormuz Strait Crisis: इस घटनाक्रम ने न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी गंभीर रूप से चिंता बढ़ा दी है।

Priya Singh Bisen
Published on: 12 July 2026 9:28 AM IST
Hormuz Strait Crisis
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Hormuz Strait Crisis

Hormuz Strait Crisis: पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बहुत ही तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य टकराव ने अब एक बार फिर से नया मोड़ ले लिया है। ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक बंद करने के ऐलान के बाद अमेरिका ने अपनी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी गंभीर रूप से चिंता बढ़ा दी है।

जहाज पर हमले के बाद बढ़ा विवाद

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया कि एक विदेशी मालवाहक जहाज ने निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और उसने अपना नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिया था। ईरानी पक्ष के मुताबिक, कई बारसख्त चेतावनी देने के बावजूद जहाज ने दिशा नहीं बदली, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई।

जानकारी के मुताबिक, हमले के बाद जहाज में आग लग गई, इंजन को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। इसके साथ ही ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद रखने का ऐलान किया।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

ईरान की कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य अड्डे से मिसाइलें दागीं और ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक सहित कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ईरान के 7 शहरों में स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

क्यों है इतना महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट ?

होर्मुज स्ट्रेट विश्व का सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है। दुनिया की कुल समुद्री तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग पर निर्भर है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मार्ग लंबे वक़्त तक बंद रहता है तो वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है और कई देशों में ईंधन की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।

अमेरिका का अल्टीमेटम, ईरान का जवाब

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान से 24 घंटे के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की मांग की है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि अगर अंतरराष्ट्रीय नौवहन में बाधा जारी रही तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

वहीं, ईरान ने साफ़ कर दिया है कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप जारी रहेगा, तब तक समुद्री मार्गों की स्थिति सामान्य होना मुश्किल है। ईरानी नेतृत्व ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है।

पहले भी हो चुका है सैन्य टकराव

ऐसा पहली बार नहीं है जब दोनों देशों के बीच तनाव इस स्तर तक पहुंचा हो। रिपोर्टों के मुताबिक, 7 जुलाई को भी होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। उस वक़्त भी दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की संभावनाओं को तगड़ा झटका लगा था और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं।

ईरान में सख्त बयानबाजी

ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े घटनाक्रमों के बीच मुज्तबा खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक संबोधन करते हुए कहा कि देश अपने नागरिकों और शीर्ष नेतृत्व पर हुए हमलों का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा।

ट्रंप का कड़ा संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका या उसके हितों पर हमला हुआ तो उसका जवाब बेहद सख्त होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों की नजर अब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति, तेल आपूर्ति और दोनों देशों की आगामी रणनीति पर टिकी हुई है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो इसका प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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