सांसद इल्हान उमर ने 'भाई' से किया था निकाह? फ्रॉड की जांच में नया मोड़

अमेरिकी सांसद इल्हान उमर पर कथित फर्जी शादी और इमिग्रेशन फ्रॉड के पुराने आरोप फिर चर्चा में हैं। जानें जांच, नागरिकता विवाद और वित्तीय खुलासों से जुड़ा पूरा मामला।

Alakha Singh
Published on: 29 Oct 2026 9:37 PM IST
सांसद इल्हान उमर ने भाई से किया था निकाह? फ्रॉड की जांच में नया मोड़
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वॉशिंगटन: अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर के खिलाफ वर्षों पुराने इमिग्रेशन फ्रॉड के आरोपों की जांच तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत संघीय एजेंसियां उनके परिवार के पुराने आव्रजन दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। इसी बीच, उनके पूर्व पति अहमद नूर सईद एल्मी को लेकर लगाए जाते रहे कथित ‘भाई से शादी’ के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं।

अक्टूबर 2026 में संघीय जांच एजेंसी होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) ने वॉशिंगटन डीसी स्थित इल्हान उमर के आवास पर अदालत से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर छापेमारी की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने उनका फोन जब्त किया और उनके परिवार के कुछ सदस्यों को भी ग्रैंड जूरी के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किए गए। जांच का मुख्य फोकस पुराने इमिग्रेशन दस्तावेजों में कथित गलत जानकारी और संभावित धोखाधड़ी है।

क्या अपने भाई से शादी करने का आरोप सही है?

इल्हान उमर पर लंबे समय से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि उन्होंने 2009 में अहमद नूर सईद एल्मी से कथित तौर पर फर्जी शादी की थी। आलोचकों का दावा है कि एल्मी उनके भाई थे और शादी का मकसद अमेरिकी आव्रजन नियमों का अनुचित लाभ उठाना था। उमर ने इन आरोपों को खारिज किया है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों में इस रिश्ते को साबित करने वाला निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है।

यह मामला 2016 के आसपास भी राजनीतिक और मीडिया बहस का हिस्सा बना था। हालांकि, उस समय संघीय सरकार ने इस आरोप पर औपचारिक जांच आगे बढ़ाई थी या नहीं, इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि उस वक्त जांच में आरोप साबित हो गए थे या केवल कानूनी समयसीमा खत्म होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई थी।

12 अक्टूबर की छापेमारी के बाद जांच में क्या हुआ?

12 अक्टूबर को हुई छापेमारी के बाद जांच का दायरा बढ़ने की खबरें सामने आईं। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने उमर का फोन जब्त किया और एक दर्जन से अधिक ग्रैंड जूरी समन जारी किए। जांचकर्ताओं को यह पता लगाना है कि क्या उमर या उनके परिवार के सदस्यों ने अमेरिका में शरण लेने, कानूनी दर्जा हासिल करने अथवा नागरिकता की प्रक्रिया के दौरान कोई गलत जानकारी दी थी।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच में उमर के बचपन और 1990 के दशक में सोमालिया से अमेरिका पहुंचने के दौरान तैयार किए गए दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हैं। उमर 1995 में अमेरिका पहुंची थीं और 2000 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली थी।

क्या रद्द हो सकती है अमेरिकी नागरिकता?

इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने नागरिकता रद्द करने की संभावना का उल्लेख किया है। लेकिन किसी जांच का चलना और नागरिकता रद्द होने का कानूनी आधार स्थापित होना अलग-अलग बातें हैं। नागरिकता समाप्त करने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक प्रमाणों की जरूरत होगी। फिलहाल, उमर की नागरिकता रद्द होने या उनके खिलाफ इमिग्रेशन फ्रॉड का आरोप अदालत में साबित होने की पुष्टि नहीं हुई है।

इल्हान उमर ने छापेमारी को राजनीतिक दबाव और विरोधियों को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया है। उनके कार्यालय ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है। ऐसे में मामले का अंतिम नतीजा जांच एजेंसियों के निष्कर्षों और आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

पति की कंपनियों की संपत्ति को लेकर भी उठा था विवाद

इल्हान उमर से जुड़ा एक अन्य विवाद उनके पति टिम माइनेट की कंपनियों की संपत्ति के मूल्यांकन को लेकर सामने आया था। फरवरी 2026 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने माइनेट से उनकी कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड मांगे थे। रिपोर्ट की गई संपत्ति के मूल्य में बड़े अंतर को लेकर सवाल उठे थे।

हालांकि, 9 सितंबर 2026 को प्रकाशित मिनेसोटा स्टार ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के स्वतंत्र निगरानी निकाय ऑफिस ऑफ कांग्रेसनल कंडक्ट ने वित्तीय खुलासों के मामले में उमर के खिलाफ आरोप खारिज करने की सिफारिश की थी। निकाय को यह मानने का पर्याप्त आधार नहीं मिला कि उमर ने जानबूझकर गलत या अधूरी जानकारी दी थी। उमर के कार्यालय ने पहले सामने आई गड़बड़ी को अकाउंटेंट की गलती बताया था।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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